उरई। नगर पालिका में सभासद प्रतिनिधि पर सेवानिवृत्त कर्मचारी की फाइल को डस्टबिन में फेंकने के मामले में शुक्रवार को कर्मचारी सीओ कार्यालय पहुंचे। यहां कर निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह और सभी टीसी ने बयान दर्ज कराए। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल से बनाए गए वीडियो भी बतौर सबूत सौंप दिए।
करीब 11 बजे कर्मचारी सीओ कार्यालय पहुंचे और एक-एक कर अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सोमवार को विवाद कैसे हुआ और किन हालात में कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। कर निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह को भी बयान देने के लिए विशेष रूप से बुलाया गया था। मामले को लेकर नगर पालिका में अभी भी खलबली मची हुई है। कई कर्मचारी मुंह चुराते रहे और सीधे तौर पर बयान देने से कतराते दिखे। उनका कहना है कि कहीं आगे जांच में फंस न जाएं। वहीं अधिकारी भी विवाद से दूरी बनाकर चल रहे हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को सभासद प्रतिनिधि पुष्पेंद्र ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की फाइल डस्टबिन में फेंक दी थी और कई कागज भिगो दिए थे। इससे कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया और मंगलवार को सभी ने कार्य बहिष्कार कर दिया। कार्यालय बंद कर नारेबाजी की और कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। बाद में ईओ राम अचल कुरील ने भी अलग से शिकायत दी और रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
जांच करने सीओ अर्चना सिंह बुधवार को ही पालिका पहुंचीं और सीसीटीवी फुटेज देखकर घटनास्थल का मुआयना किया था। इसके बाद शुक्रवार को कर्मचारियों के बयान लेकर जांच को आगे बढ़ाया गया। इस मामले में सभासद प्रतिनिधि पुष्पेंद्र, विपिन और देवेंद्र राठौर के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। अभी भी नगर पालिका के अंदरूनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। कर्मचारी और अधिकारी आपस में आरोप-प्रत्यारोप से बच रहे हैं और सबकी कोशिश यही है कि आगे कोई नया विवाद न भड़के।