फोटो-11-राजभाषा समिति की बैठक में मौजूद रेलवे अधिकारी। संवाद
उरई। रेलवे में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए बृहस्पतिवार को उरई रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में राजभाषा संबंधी बैठक हुई। झांसी मंडल से आए हिंदी राजभाषा अधिकारी राजेश कुमार ने सभी विभागों के सुपरवाइजरों को पत्राचार, कार्यालयों के नाम और मुहरों में हिंदी के साथ अंग्रेजी का प्रयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधूरी रिपोर्ट भेजने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मंडल मुख्यालय से रेलवे बोर्ड तक भेजी जाने वाली रिपोर्ट में पूरी जानकारी होनी चाहिए।
बैठक में राजेश कुमार ने कहा कि रेलवे के सभी विभागों की ओर से जारी होने वाले पत्र द्विभाषी होने चाहिए। स्टेशन परिसर में स्थित कार्यालयों के नाम की पट्टिकाओं और अधिकारियों के नाम भी हिंदी व अंग्रेजी में लिखे जाएं। विभागीय मुहरों में भी दोनों भाषाओं का प्रयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागों की ओर से तैयार की जाने वाली रिपोर्ट में अक्सर अधूरी जानकारी दी जाती है। ये रिपोर्ट मंडल मुख्यालय से होते हुए रेलवे बोर्ड तक पहुंचती हैं। जानकारी अधूरी होने के कारण उच्चाधिकारियों को परेशानी होती है। सभी सुपरवाइजर रिपोर्ट तैयार करते समय निर्धारित प्रारूप के अनुसार पूरी जानकारी देना सुनिश्चित करें।
राजभाषा अधिकारी ने विभागों से हर महीने हिंदी में किए जाने वाले पत्राचार का ब्योरा भी मांगा। आरपीएफ के दरोगा अतुल कुमार से रेलवे अधिनियम के तहत की जाने वाली कार्रवाई का मासिक ब्योरा मांगा गया। आरपीएफ की ओर से इस संबंध में शून्य रिपोर्ट भेजे जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। इसके बाद आरपीएफ को निर्धारित प्रारूप उपलब्ध कराते हुए हर महीने रेलवे अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई का विवरण भेजने के निर्देश दिए, ताकि विभागीय रिपोर्ट में हिंदी का प्रयोग भी बढ़ाया जा सके। बैठक में स्टेशन अधीक्षक राजीव कौशिक, चीफ पीडब्ल्यूआई सैयद, केके त्रिपाठी, सीटीआई ज्ञान सिंह, मोहित शुक्ला, जीपी वर्मा, शिवांग श्रीवास्तव आदि रहे।