माधौगढ़। मीटर रीडिंग में हेराफेरी कर लाखों के घोटाले का मामला सामने आया है। बिजली अधिकारियों ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई गई। मामला सही पाए जाने पर मीटर रीडर संचालित करने वाली कंपनी पर तीन लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है।
बता दें कि मेसर्स प्रेस कंप्यूटर का क्षेत्र में मीटर रीडिंग का ठेका था। जिसमें दो मीटर रीडिंग का कार्य करते हैं। विभाग द्वारा जांच टीम ने उपभोक्ता अशोक कुमार की मीटर रीडिंग 6312 पाई गई। जबकि मीटर रीडर द्वारा बिल में रीडिंग 4773 बनाई गई। मीटर रीडिंग में 1539 स्टोर पाई गई। इसी तरह अनीता के मीटर रीडिंग 5689 पाई गई। जबकि मीटर रीडर द्वारा बिल 99 यूनिट का दिया गया। जिसमें 5590 स्टोर पाई गई। उपभोक्ता कृष्ण कुमार की मीटर रीडिंग 8000 यूनिट पर आईडीएफ किया गया। जबकि मीटर में रीडिंग 15447 पाई गई। इस प्रकार मीटर में 7447 यूनिट रीडिंग स्टोर पाई गई। बिजली विभाग द्वारा मेसर्स प्रेस कंप्यूटर को सवा तीन लाख पेनाल्टी लगाई गई है। जिससे उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है।
अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार का कहना है कि जांच के बाद कंपनी पर पेनाल्टी की गई है। दोनों मीटर रीडर को फिलहाल हटाने के लिए कहा गया है। वहीं एसडीओ अभिषेक सोनकर ने बताया कि अधिशाषी अभियंता के निर्देश पर रीडिंग स्टोर करने की जांच की गई थी। जिसमें मीटर रीडर ब्रजेंद्र राजपूत व वीरप्रताप दोषी पाए गए थे।