उरई(जालौन)। कोरोना काल में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के माध्यम से संचालित ई-संजीवनी एप का लाभ अस्पताल जाने में असमर्थ लोग उठा रहे हैं। ई-संजीवनी एप से इलाज के मामले में जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
डीसीपीएम डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना काल में घर के नजदीक मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए करीब 50 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ई-संजीवनी एप के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य परामर्श और सेवाएं दे रहे हैं। गोरखपुर, बनारस, केजीएमयू लखनऊ, एसजीपीआई लखनऊ और मेडिकल कालेज झांसी के विशेषज्ञ डॉक्टरों के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं और परामर्श मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पहले लोगों को ई-संजीवनी एप के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। इस पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (उप केंद्र) में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) ने लोगों को ई- संजीवनी एप के लाभ बताते हुए मोबाइल में एप डाउनलोड कर स्वास्थ्य सेवाएं लेने का अभियान चलाया। अब बड़ी संख्या में लाभार्थी इस सेवा का लाभ ले रहे हैं। एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ. बीएम खैर ने बताया कि यह एप सफल साबित हो रहा है।
जपाइगो संस्था के कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर विकास ने बताया कि ई-संजीवनी एप से इलाज के मामले में जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। पिछले महीने जिले का पांचवां स्थान था। अक्तूबर में दूसरा स्थान हासिल किया है। मेरठ 12274 ओपीडी के साथ पहले स्थान पर है। जालौन 7639 ओपीडी के साथ दूसरे स्थान पर है।
10 से 15 लोग रोजाना डाउन लोड कर रहे एप
कदौरा ब्लाक के चमारी में तैनात सीएचओ भारती ने बताया कि पहले लोग ई-संजीवनी एप की सेवा के नाम पर कई सवाल करते थे। समझाने पर लोगों ने इस सेवा का लाभ लिया। रोजाना 10 से 15 लोग ई-संजीवनी एप को डाउन लोड कर लाभ ले रहे हैं।