उरई। गरीब परिवार के बच्चे भी अच्छे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई कर सकेंगे। अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 187 बच्चों का चयन विभिन्न प्राइवेट स्कूलों के लिए हो गया है। उनकी सूची जारी कर दी गई है।
बीएसए प्रेमचंद यादव ने बताया कि निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में 25 फीसदी सीटें आरक्षित की गई हैं। इन स्कूलों में बच्चों को निशुल्क दाखिला दिया जाता है। इसके लिए पहले ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं और फिर लाटरी सिस्टम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को स्कूल आवंटित किए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि चालू सत्र में कक्षा एक और प्री प्राइमरी कक्षाओं में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। कुल 265 आवेदन भरे गए थे। ऑनलाइन लाटरी मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में निकाली गई। इसमें 187 छात्र-छात्राओं का चयन कर उन्हें स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। शेष आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। बीएसए ने बताया कि चयनित छात्र-छात्राओं की सूची खंड शिक्षा अधिकारी और नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेज दी गई है। संबंधित अभिभावक जाकर जानकारी कर सकते हैं।
बीएसए के मुताबिक, शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के देहली वल्र्ड पब्लिक स्कूल, एसआर पब्लिक स्कूल, रामजीलाल पांडेय बालिका विद्यालय, सीक्रेट हर्ट स्कूल, जीएनटी पब्लिक स्कूल समेत 375 स्कूल इस योजना में पंजीकृत हो चुके है। करीब 200 और स्कूलों का पंजीकरण किया जाना है, उनके पंजीकरण का काम जारी है।
बीएसए के मुताबिक, अब दूसरे चरण के लिए आवेदन शुरू हो गए है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 अप्रैल है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में कुछ विद्यालय की सभी सीटें भर गई है और कुछ की खाली रह गई हैं। उन सीटों को भरने के लिए दूसरे चरण के ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं।