उरई। समायोजन रद होने से परेशान शिक्षामित्रों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय परिसर से कलक्ट्रेट तक तिरंगा यात्रा निकालकर धरना दिया। इसके बाद इसके बाद मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट नत्थू पांडे को दिया। शिक्षामित्रों ने रामपुरा की शिक्षामित्र बेबी के परिजनों को आर्थिक सहायता की मांग भी की।
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की अगुवाई में शिक्षामित्र शनिवार को बीएसए कार्यालय पहुंचे। यहां से तिरंगा लेकर जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट में जमकर नारेबाजी के बाद धरने पर बैठ गए। धरना सभा में एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष इंद्रजीत विश्वकर्मा ने कहा कि समायोजन रद होने से शिक्षामित्रों का जीवन बर्बाद हो गया है। अब उम्मीद की किरण नजर नहीं आ रही। शिक्षामित्र अब जीवन से मुक्ति चाहते हैं। प्रीति कुशवाहा ने कहा कि समायोजन रद होने से शिक्षामित्र संकट में आ गए हैं। पूनम ने कहा कि कई लड़कियां है जिनका परिवार इतने वर्षो के संघर्ष के बाद सुख की उम्मीद लगाए था लेकिन अब सब कुछ खत्म हो गया है। सीमा सिंह ने कहा कि पहले नौकरी के लिए लाठियां खाईं अब नौकरी बचाने के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है। इसके बाद शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय को ज्ञापन दिया। शिक्षामित्रों ने रामपुरा ब्लॉक की शिक्षामित्र बेबी के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी की। धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस और पीएसी मुस्तैद रही। प्रदर्शन में कल्पना, अरविंद सिंह, चतुर सिंह, पूनम द्विवेदी, कमलेश कुमार, अंजनी कुमार, अनुरुद्ध कुमार, बाबू लाल, अजय कुमार, रामप्रकाश, सीमा सिंह, राधा यादव, शालिनी निरंजन, रंजना तिवारी, रश्मि देवी, क्षमा पांडे, रजनी द्विवेदी, संतोषी देवी, सुनीता चौधरी और गुलाब देवी आदि शिक्षामित्र मौजूद रहीं। उधर, कर्मचारी शिक्षक मोर्चा और भारतीय क म्युनिस्ट पार्टी ने शिक्षामित्रों के आंदोलन का समर्थन किया है।