जालौन। बाइक एजेंसी में कार्यरत कर्मचारी ने फाइनेंस की किस्तें लेकर उन्हें कंपनी में जमा नहीं किया। इसके चलते फाइनेंस कंपनी द्वारा बाइक छीनकर नीलाम कर दी गई। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
क्षेत्र के ग्राम सिकरी राजा निवासी धीरज सिंह ने पुलिस को बताया कि उरई रोड स्थित एक बाइक एजेंसी से बाइक ली थी। बाइक 54 हजार रुपये में फाइनेंस हुई थी। बाइक व पंजीकरण, बीमा विक्रेता ने ही कराया था। उनकी एजेंसी पर ही कार्यरत फाइनेंस कंपनी के एजेंट द्वारा उनकी बाइक का फाइनेंस किया गया था। फाइनेंस होने के बाद उन्होंने समय पर सभी किस्तें भी उसी व्यक्ति के पास जमा कीं। इसकी रसीद भी व्यक्ति अपने हस्ताक्षर के साथ देता था।
14 अक्तूबर को उसका भाई किसी काम के चलते कानपुर गया था। वहां फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने उसके भाई को रोककर उसकी बाइक छीन ली। बताया कि उसकी दो किस्तें अभी बाकी हैं। बकाया किस्तों को जमा करके वह बाइक ले जाएं। दो दिन बाद जब वह रुपये लेकर बाइक लेने के पहुंचा तो बताया गया कि उसकी बाइक नीलाम कर दी गई है। पीड़ित ने बताया कि इसकी शिकायत उसने जब एजेंसी संचालक से की तो उन्होंने भी कोई सुनवाई नहीं की और उसे वहां से भगा दिया। साथ ही फाइनेंस कर्मचारी का भी पता नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।