उरई। ट्रैक्टर के सामने अचानक कार आ जाने से चालक अपना संतुलन खो बैठा और ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर हाईवे पर पलट गई। इससे उसमें सवार 15 लोग दब गए। घटना से चीख पुकार मच गई। राहगीरों ने सभी को बाहर निकलवाकर पुलिस को सूचना दी और घायलों को मेडिकल कालेज भिजवाया। एक बालक की हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कालेज झांसी रेफर किया गया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सुशील नगर निवासी चंद्रशेखर कुशवाहा ने अपने घर पर जवारे बोए थे। सोमवार को वह ट्रैक्टर-ट्राली से अपने परिजनों को लेकर जालौन कोतवाली क्षेत्र के पर्वतपुरा गांव स्थित हुल्का देवी मंंदिर में जवारे चढ़ाने गए थे। शाम को पूजा अर्चना करने के बाद सभी लोग वापस आ रहे थे, जैसे ही ट्रैक्टर शहर कोतवाली क्षेत्र के कुकरगांव स्थित सीएनजी पेट्रोल टैंक के पास पहुंचा कि अचानक सामने से कार आ गई। इससे चालक स्टीयरिंग से संतुलन खो बैठा और ट्रैक्टर ट्राली पलट गई।
हादसे में वंदना कुशवाहा (38), शशांक (12), नैतिक (10), ईशु (22), सौरभ शाक्य (28), सरिता (32), रिचा (17), साक्षी (13), सीमा (35), शांति देवी (35), सतेंद्र (48), दयाल (36), गुड्डी(45) कल्पना (35) व अंश ट्राली के नीचे दब गए। घटना से चीख पुकार मच गई। राहगीरों ने सभी को बाहर निकालकर पुलिस को सूचना देते हुए सभी को मेडिकल कालेज भिजवाया। जहां नैतिक की हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद चालक कार लेकर मौके से भाग गया है।
मेडिकल कालेज की अव्यवस्थाओं की खुली पोल
मेडिकल कालेज में अचानक 15 घायलों के पहुंचने पर इमरजेंसी में खलबली मच गई। हालात यह रही कि किसी को स्ट्रेचर तो किसी को बेड नहीं मिला। कुछ तीमारदार हाथ में बोतल लेकर इधर-उधर भटकते नजर आए। एक वृद्धा जमीन पर लेटी अपने इलाज की दुहाई दे रही थी, लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं था। वहां मौजूद लोग इस लचर प्रणाली को देख प्रबंधन को कोसने लगे। लोगों का कहना है कि रात के समय अगर कोई बड़ी घटना हो जाए तो मेडिकल कालेज में व्यवस्थाओं को संभालने वाला कोई नहीं है।