कदौरा। कदौरा के जयदेवी मामले में कोर्ट ने सुनवाई के बाद पहले हुई निलामी को निरस्त करते हुए प्रशासन को दोबारा नीलामी के निर्देश दिए है। वहीं मामले में जयदेवी का कहना है कि वह अपने हक की लड़ाई जारी रखेंगी।
इटौरा बावनी गांव की जयदेवी ने पति अतर सिंह की मृत्यु के बाद पुत्री अंशू की देखभाल के लिए ससुरालियों से हर्जा खर्चा मांगा तो ससुर रामनारायण ने मना कर दिया। जिससे जयदेवी ने कोर्ट की शरण ली। 22 साल की लड़ाई के बाद कोर्ट के आदेश पर 18 मार्च को ससुर की संपत्ति की नीलामी गांव में हुई। जिसमें नीलामी कर्ताओं ने भाग लिया और संपत्ति आठ लाख रुपये में नीलाम हुई। नीलामी प्रक्रिया में आपत्ति जताते हुए ससुर रामनारायण ने कोर्ट की शरण ली। 25 मार्च व 31 मार्च को ससुर ने नीलामी प्रक्रिया को चुनौती दी, जबकि सोमवार 5 अप्रैल को कोर्ट ने 18 मार्च को हुई नीलामी को निरस्त करते हुए 30 अप्रैल को नई नीलामी की तारीख तय की है, जो गांव में होगी। जयदेवी ने बताया अपने हक की लड़ाई के लिए दिन रात एक कर देगी, पर अपना हक लेकर रहेगी।