बांदा। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया (अमेरिका) में बिजनेस मैनेजमेंट प्रोफेसर को अपने पैतृक गांव के प्राइमरी स्कूल में कई वर्षों से खराब पड़ा हैंडपंप दुरुस्त कराने को डीएम की ड्योढ़ी पर दस्तक देनी पड़ी। प्रोफेसर ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई गांव के इसी स्कूल से की थी। डीएम ने हैंडपंप को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रोफेसर से कहा कि अपने गांव और जनपद के युवाओं को भी अपनी तरह सफलता के गुर सिखाएं।
जनपद के दोआबा क्षेत्र कहे जाने वाले कमासिन ब्लाक में अति पिछड़ा सोनहुली गांव है। यहां साधारण किसान परिवार में पैदा हुए आर के सिंह ने गांव के ही परिषदीय स्कूल में पांचवीं तक पढ़ाई की। 6वीं और 7वीं कक्षा की पढ़ाई पड़ोसी गांव बेर्रांव और भभुवा में की। बबेरू के जेपी शर्मा इंटर कालेज में इंटर करने के बाद वह इलाहाबाद कृषि विद्यालय में चार वर्ष शिक्षा ली। वहां से 1973 में थाईलैंड चले गए। वहां एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी में दो वर्षीय इंडस्ट्रियल मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग डिग्री ली। इसके बाद अहमदाबाद और बंगलौर में भी शिक्षा हासिल करके 1977 में अमेरिका चले गए। वहां कैलीफोर्निया में जहाज बनाने की कंपनी में इंजीनियर के रूप में छह वर्ष काम किया। वहीं, से पीएचडी भी की। अब पिछले कई वर्षों से वह यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया में बिजनेस मैनेजमेंट के प्रोफेसर हैं।
मंगलवार को सुबह ठंड और कोहरे के बीच डीएम के मेहमान बने। प्रोफेसर सिंह ने अपने गांव के स्कूल का हैंडपंप खराब होने से बच्चों को हो रही परेशानी डीएम को बताई। डीएम ने कमासिन बीडीओ को हैंडपंप तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही अपने आवास का उन्हें भ्रमण कराकर खोदे गए तालाब आदि दिखाए।