फोटो - 31 डीएम राजेश कुमार पांडेय। संवाद
उरई। जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को केंद्र सरकार सम्मानित करेगी। उन्होंने जन भागीदारी से जल संरक्षण का एक अनोखा मॉडल विकसित किया है। जनभागीदारी से विलुप्त हो चुकी नून नदी को पुनर्जीवित करवाने में उनकी अहम भूमिका रही। यह नदी आज प्रदेश में नजीर बनी हुई है।
कोंच तहसील के ग्राम सतोह से निकलने वाली 83 किलोमीटर लंबी नून नदी का उद्गम स्थल पूरी तरह से विलुप्त हो गया था। इसको नया जीवन देने के लिए डीएम राजेश कुमार पांडेय ने जनभागीदारी से वर्षों से सूखी पड़ी इस नदी में अब जल प्रवाह शुरू हो करा दिया। नदी के पुनर्जीवन के लिए सफाई, गहरीकरण और तटबंधों का निर्माण किया गया।
जल संरक्षण के लिए चेकडैम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य भी किए गए। इन प्रयासों से क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई की समस्या काफी हद तक कम हुई है। जालौन के इस मॉडल को उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार ने सराहा है। जेएसजेबी अवार्ड के तहत जालौन जिले को 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। डीएम राजेश कुमार पांडेय को दिल्ली में आयोजित होने वाले समारोह में सम्मानित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और वाराणसी को भी 2-2 करोड़ रुपये व चित्रकूट को 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा।