अफसरों की कार्यप्रणाली सुधर नहीं रही है। मंगलवार को तहसील दिवस के दौरान जब डीएम से लेकर दूसरे अफसर फरियादियों की समस्या सुन रहे थे तो सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता आरके सिंह व्हाट्सऐप पर चैटिंग करने में व्यस्त थे। डीएम की नजर जब उन पर पड़ी तो पारा चढ़ गया। फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि शिकायतों पर निस्तारण पर ध्यान दें, व्हाट्सऐप पर नहीं। हालांकि अधिशाषी अभियंता का कहना था कि वह ऑनलाइन शिकायतें देख रहे थे, व्हाट्सऐप पर चैटिंग नहीं कर रहे थे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में फरियादियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी आगे आना पड़ा। तहसील दिवस में सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग की 49 शिकायतें पंजीकृत हुईं। इसके अलावा पुलिस विभाग की 30, पूर्ति विभाग की 25, विकास विभाग की 21, जल निगम की 18, बिजली विभाग की 15, जल संस्थान व नगर पालिका की 6, शिक्षा विभाग की 5, स्वास्थ विभाग की 5 समेत अन्य विभागों की भी शिकायतें आईं। डीएम ने कहा कि एक से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाया जाएगा। इसलिए सभी विभागों के अधिकारी अपने दफ्तरों में अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान करें।
सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन व पौधरोपण कार्यक्रम में जनपद जालौन दसवें स्थान पर है। यह स्थान बरकरार बना रहे। जनपद को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक स्वप्निल मंमगाई, सीडीओ एसपी सिंह, सीएमओ अल्पना बरतारिया, अधिशाषी अभियंता बिजली तनवीर सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी बीके महान, उपजिलाधिकारी सौजन्य कुमार विकास, पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार शर्मा, विद्युत उपखंड अधिकारी विकास सोनी, बीडीओ मनोज कुमार, सीडीपी विमलेश आर्या, प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मुकेश राजपूत, पशु चिकित्साधिकारी डा. दुष्यंत यादव, वन क्षेत्राधिकारी रविंद्र सिंह भदौरिया आदि मौजूद रहे।
कोंच प्रतिनिधि के मुताबिक, तहसील दिवस में कुल 31 शिकायतें आईं। इनमें से दो का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। एसडीएम सुरेश सोनी ने कहा कि प्रार्थना पत्रों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इससे साफ है कि अफसर जनता की सुनवाई नहीं कर रहे हैं। इस दौरान कोंच कोतवाल सत्यदेव सिंह, एसओ नदीगांव रवींद्र कुमार त्रिपाठी, एसओ कैलिया प्रभुनाथ सिंह, वन क्षेत्राधिकारी वीके सिंह, एसडीओ विद्युत कौशलेेेेंद्र सिंह, आपूर्ति निरीक्षक अखिलेश कुमार आदि मौजूद रहे।