पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में बाहुबल हावी रहा। बूथ कैप्चरिंग की शिकायत के बाद भी पुलिस एवं प्रशान चुप्पी साधे रखे। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। डकोर गांव में ग्रामीणों ने बूथ कैप्चरिंग को लेकर जमकर बवाल किया। पुलिस एवं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर पथराव का प्रयास भी किया।
इस दौरान काफी देर तक मतदान बाधित रहा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस तमाशबीन बनी रही। डकोर जिला पंचायत सीट पर कई दिग्गजों के आमने-सामने होने की वजह से यहां माहौल शुरूआत से ही संवेदनशील माना जा रहा था। इसे लेकर पुलिस प्रशासन ने मतदान के पूर्व भी काफी तैयारियंा कर रखी थीं।
लेकिन मंगलवार को मतदान के दौरान पुलिस की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। दोपहर 12 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल यादव अपने समर्थकों के साथ डकोर स्थित जीआईसी मतदान केंद्र पहुंचे। इस पर मौके पर मौजूद बसपा समर्थित प्रत्याशी निजेंद्र यादव उर्फ प्रदीप दाऊ ने उन पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया।
उनका आरोप था मतदान केंद्र का गेट बंद करके फर्जी वोटिंग की जा रही है। बूथ कैप्चरिंग की सूचना मिलते ही बसपा प्रत्याशी के समर्थक भड़क उठे। सैकड़ों की संख्या में समर्थक नारेबाजी करते हुए मतदान केंद्र पर पहुंच गए। समर्थकों ने पुलिस व मतदान केंद्र का घेराव कर दिया।
ये लोग पुलिस-प्रशासन व सपा नेता के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। काफी देर तक बवाल होने के बाद समर्थकों ने हाथ में पत्थर भी उठा लिए और पुलिस पर पथराव करने का प्रयास किया। तभी बसपा प्रत्याशी प्रदीप दाऊ के भाई कुलदीप यादव भाई जी मौके पर पहुंचे और उन्होंने समर्थकों को शांत कराया।
करीब डेढ़ घंटे तक मतदान केंद्र पर बवाल होता रहा। इस पूरे मामले के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी व पीएसी असहाय नजर आई। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद फिर से मतदान शुरू कराया जा सका।