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तलाकशुदा महिलाएं पाएंगी आयुष्मान योजना से लाभ

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सीएमओ अल्पना बख्तरिया - फोटो : ORAI
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उरई। तीन तलाक व तलाकशुदा महिलाओं (चाहे हिंदू हो या मुस्लिम) को इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब प्रदेश सरकार ने उनकी सुध ली है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से छूटे लाभार्थियों को आयुष्मान योजना के समान लाभ उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जा रही मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत तलाक पीड़िताओं को लाभ मिलेगा। ऐसी महिलाओं का इलाज आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों में निशुल्क कराया जाएगा। इसमें पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा है। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग तीन तलाक पीड़ित और तलाकशुदा महिलाओं का डाटा एकत्रित किया जा रहा है।
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बता दें कि तीन तलाक (जिनका तलाक का केस चल रहा हो) व तलाकशुदा महिलाओं को खर्च तो ससुराल पक्ष से मिल जाता है पर उनके इलाज की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं होता है। इस कारण कई बार गंभीर बीमारी के वक्त ऐसी महिलाओं की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो जाती है। लिहाजा तलाकशुदा महिलाओं की दशा सुधारने के लिए ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलों में पत्र भेजकर तलाक पीड़ित हिंदू व मुस्लिम महिलाओं को आयुष्मान योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके बाद से ही जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कर्मचारियों को में ऐसी महिलाओं का डाटा एकत्रित करने के काम में लगा दिया है। सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया का कहना है कि शासन से आए पत्र 16 बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। इसमें नाम, माता पिता का नाम, आयु, लिंग, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, राशनकार्ड और शहरी या ग्रामीण का निवासी है, का ब्योरा मांगा गया है। यह निश्चित रुप से तलाक पीड़ित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री की ओर सौगात जैसी ही है। उन्होंने आयुष्मान योजना से जुड़ी टीम को ऐसी महिलाओं का डाटा एकत्रित करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है।
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आयुष्मान योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डा. आशीष कुमार झा ने बताया कि उन्होंने फैमिली कोर्ट और मुस्लिम धर्मगुरुओं से संपर्क कर ऐसी सूचनाएं एकत्रित करनी शुरू कर दी हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना बिल्कुल आयुष्मान भारत योजना जैसी है। इसमें आयुष्मान योजना से छूटे पात्र लाभार्थियों को शामिल किया गया है। अब तलाक पीड़िताओं को भी आयुष्मान योजना में पंजीकृत अस्पताल में इलाज कराने का मौका मिलेगा। शासन के आदेश के बाद इस योजना का लाभ तलाक पीड़िताओं को दिया जाएगा। स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि योजना से तलाकशुदा महिलाओं को जोडने की प्रक्रिया चल रही है, किसी भी धर्म संप्रदाय की महिलाएं जो कि तीन तलाक या फिर तलाकशुदा हो तो वे सीएमओ कार्यालय में संपर्क कर अपना पंजीकरण करा सकती है।
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