नव निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष फरहा नाज का सोमवार को मुम्बई के एक
अस्पताल में इलाज के दौरान इंतकाल हो गया। वह लंबे समय से लीवर के कैंसर से
पीड़ित थीं। रविवार को लीवर में संक्रमण बढ़ने से सोमवार की शाम उनकी मौत
हो गई। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार 38 वर्षीय नवनिर्वाचित जिला
पंचायत अध्यक्ष फरहा नाज पिछले कुछ वर्षों से लीवर के कैंसर से पीड़ित
थीं। उनका मुम्बई के खां हास्पिटल में इलाज चल रहा था। इसी बीच जिला पंचायत
चुनाव के दौरान उन्होंने
छुट्टी लेकर जनसंपर्क भी शुरू कर दिया। इसकी
डाक्टरों ने उन्हें पहले से मनाही कर रखी थी। जिला पंचायत अध्यक्ष की शपथ
लेने के बाद से उनकी तबियत में लगातार गिरावट आती गई। इसे देखते हुए
परिजनों ने उन्हें वापस मुम्बई के एक बड़े अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती
करवा दिया। हालांकि उनकी बीमारी और बिगड़ती हालत को राजनीतिक कारणों से
परिवार के
लोगों ने छुपा के रखा। रविवार को उनके लीवर में संक्रमण बढ़ गया।
चिकित्सकों ने आनन फानन इलाज शुरू किया तो वह कोमा में चली गई। सोमवार शाम
साढ़े पांच बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत के बाद
उनके पति अजहर बेग, परिजन और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई।