बता दें कि गुरुवार को मोहल्ला सिद्धार्थनगर में मुख्य कच्चे नाले में सभासद ने जेसीबी मंगाकर करीब 100 मीटर लंबी व आठ फीट चौड़ा नाले की यह कहकर खुदाई शुरू करा दी कि एक दो दिन में यहां पक्के नाले का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। जब दो दिन बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो बाशिंदे मामले की जानकारी के लिए पंचायत कार्यालय पहुंचे। वहां बताया गया कि उनके मोहल्ले में पंचायत द्वारा किसी तरह का कार्य नहीं कराया गया और न ही मोहल्ले में पक्के नाले के निर्माण कार्य की स्वीकृति दी गई है।
इतना सुनते ही बाशिंदे आक्रोशित हो गए और पंचायत कार्यालय में ही हंगामा करने लगे। मामले की सूचना पर पंचायत अध्यक्ष को फोन पर दी गई। पंचायत अध्यक्ष ने फोन से ही सभी बाशिंदों को जल्द ही नाले की भराई कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोग शांत हुए। बाशिंदे मोहम्मद असलम, राहुल, धर्मेंद्र, मनोज यादव, सुंदर पाल, रामकुमार, लक्ष्मी नारायण, उदयवीर, विश्वनाथ आदि ने सभासद पर आरोप लगाए कि सभासद सड़क पर मुख्य नाले के किनारे रह रहे कुछ लोगों को विरोधी मानता है और उन्हें परेशान करने के लिए उसने जबरन खुदाई करा दी।
जिससे न सिर्फ लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है बल्कि इस खुदाई से उनके घरों की पानी की पाइप लाइनें भी टूट गई है जिससे उन्हें पानी संकट से भी जूझना पड़ रहा है। मामले को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद जमीर आलम का कहना है कि पालिका ने इस वार्ड में कोई कार्य नहीं कराया है। यह सभासद ने व्यक्तिगत कार्य कराया है। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। जल्द ही नाले को ठीक दिया जाएगा। वही मामले को लेकर सभासद विजय कुमार का कहना है कि मोहल्ले में निकासी व्यवस्था ठीक नहीं थी। जिससे निचले इलाके में पानी भर रहा था। इसलिए यह खुदाई कराई गई थी, आरोप बेबुनियाद है।