फोटो-12-महिला अस्पताल का निरीक्षण करते डीएम। संवाद
उरई। जिला महिला अस्पताल में सोमवार को डीएम राजेश कुमार पांडेय पहुंचे। उन्होंने मरीजों और तीमारदारों से सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। पूछा कि प्रसव के नाम पर किसी ने पैसे तो नहीं लिए या बाहर की दवाइयां तो नहीं लिखी गई...।
किसी मरीज ने रुपये न देने की पुष्टि की। जच्चा-बच्चा वार्ड पहुंचे डीएम ने 24 घंटे में जन्मी 12 बच्चियों के परिजनों को शुभकामनाएं दीं। कहा कि सभी नवजात को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना से संबंधित फॉर्म तुरंत भरवाकर लाभ समय से सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने जननी सुरक्षा योजना के करीब डेढ़ हजार आवेदन लंबित पाने पर नाराजगी जताई और स्टाफ को हिदायत दी कि पांच दिन के भीतर शत प्रतिशत काम पूरा कर लिया जाएगा। वह दोबारा आएंगे, अगर काम पूरा नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। डीएम ने लैब, पैथोलॉजी, पर्चा काउंटर, पंजीकरण कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष आदि का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊपरी मंजिल पर खाली स्थान का उपयोग करने के लिए प्रस्ताव बनाने के लिए कहा।
डीएम ने बुंदेली बिन्नू में बेटियों को किया सम्मानित
उरई। जिला महिला अस्पताल में डीएम ने बुंदेली बिन्नू कार्यक्रम में 13 बच्चियों को स्वेटर, कंबल व सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। डीएम ने सभी बच्चियों के सादा कागज पर लाल स्याही से पदचिन्ह लेकर इस अनोखे कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने सुमंगला, मातृ वंदना व सुकन्या समृद्धि जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक किया। रोहित विनायक ने बताया कि यह काम पांच साल से जारी है। अब तक 11000 से भी अधिक बच्चियों के पदचिन्हों का अनोखा संग्रह है। (संवाद)