नवनिर्वाचित प्रधानों की शपथ के बाद गांव स्तर पर खुली बैठकें हुईं जिसमें
अजब-गजब नजारे सामने आए। कहीं शांति पूर्वक तो कहीं हंगामे के बीच निर्माण
कार्य के प्रस्ताव रखे गए। इसी तरह कहीं कुर्सी तो कहीं फर्र्श पर बैठ कर
मीटिंग कराई गई। कई गांवों में महिलाओं ने घूंघट की ओट से विकास प्रस्तावों
पर मुहर लगाई।
ब्लॉक क्षेत्र डकोर के कुठौंदा, मुहम्मदाबाद,
कुसमिलिया, ऐरी-रमपुरा, चिल्ली, अजनारी, बढ़ेरा, टिमरों, डकोर, मोहाना,
मकरेछा, बंधौली, जैसारी खुर्द, जैसारी कला, गोरन, कुइया, ऐर, ददरी, टीकर,
खरका, करुई, काहटा, कमटा, काबिलपुरा आदि गांवों में सचिवों ने अपने-अपने
क्षेत्र में नव निर्वाचित प्रधानों और ग्राम सदस्यों समेत ग्राम वासियों के
संग पहली खुली बैठक का
आयोजन किया। इसमें गांव के कच्चे व पक्के कार्यों
के लाखों रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए। उधर, गांव मुहम्मदाबाद में तो यह
स्थिति रही कि पंचायत भवन का ताला ही नहीं खुला। यहां भवन में फर्श बिछा
कर ग्राम सदस्यों संग प्रधान सुनीता घूंघट डाले नजर आईं। तो वहीं प्रधान
प्रतिनिधि ने बैठक का संचालन किया। इस दौरान ग्राम सचिव रमेश उदैनियां
ने
बताया कि जिलाधिकारी रामगणेश के निर्देश पर गांवों में ऐसे लोगों को
चिन्हित किया जाना है जिनका कोई सहारा न हो और जो भुखमरी की कगार पर हो।
गरीब तबके के लोगों को सर्दी से बचाने के लिये कंबल आदि पहुंचाने लिए उनकी
सूची तैयार की जाएं ताकि इसका लाभ हर पात्र तक पहुंच सके। इसके अलावा
बेरोजगारों को अब 150 दिनों का काम
मनरेगा के तहत पूरे जिले में दिये जाने
की जानकारी दी गई। खुली बैठक में वॉर्ड सदस्य अपने-अपने वॉर्डों की
समस्याएं बताते नजर आए। सचिव ने बताया कि गांव के विकास प्रस्ताव बजट से
ज्यादा बनाए गए हैं।