ध्वस्त बिजली व्यवस्था को लेकर नारेबाजी करते नमाजी।
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पाक माह रमजान मुबारक के पहले जुमे पर जनपद की कई मस्जिदों में मुसलिम समाज के अकीदतमंदों ने जुमे की दो रकआत नमाज फर्ज अदा की। रमजान में जुमा (शुक्रवार) के महत्व को देखते हुए मसजिदों में बुजुर्गों, युवाओं एवं बच्चों की भारी शिरकत नजर आई। मुसलिम समुदाय के लोगों ने रमजान में पड़ने वाले पहले शुक्रवार को जुमे की दो रकआत नमाज
फर्ज पूरे अहतराम के साथ अदा की। चतुर्थ रमजान के पहले जुमा में नमाज अदा करने के लिए मुसलमान मसजिदों में उमड़ पड़े। बड़ी मसजिद में हाफिज कारी हसन ने अकीदतमंदों को जुमा की नमाज अदा कराई। इससे पूर्व उन्होंने रमजान में खैरात, जकात एवं ईद का फितरा आदि के बारे में जानकारी दी व कब्रिस्तान वाली मसजिद में हाफिज फीरोज अली ने,
मसजिद दादूपुरा में हाफिज यूसुफ ने, नवी मसजिद में हाफिज मंजूर अहमद ने, क्लब वाली मसजिद में हाफिज जमील बरकाती एवं स्टेशन स्थित मसजिदों में हाफिजों ने जुमे की नमाज पढ़ाई। ग्राम मुहम्मदाबाद स्थित पीरों वाली मसजिद में हाफिज इकरामुल हुदा ने नमाज से पूर्व तकरीर में रमजान के अदब और अहतराम के बारे में बताया कि हर मोमिन पर हर हाल में
सात वर्ष की आयु से ही रोजा रखना अनिवार्य होता है। गांव की बड़ी मसजिद में हाफिज मुहम्मद इकरार ने तो रहमानियां मसजिद में हाफिज मुदस्सिर ने नमाज पढ़ाई। इस दौरान मसजिदें सड़क तक नमाजियों से खचाखच भरी रहीं और नमाजियों ने मुल्क की तरक्की, हिफाजत, अमन-चैन और खुशहाली के लिए सामूहिक दुआएं मांगी। कालपी प्रतिनिधि के
अनुसार नगर की शाही जामा मसजिद के शहर पेश इमाम कारी शमशुद्दीन रहमानी ने जुमे की नमाज पढ़ाई। खानकाह मुहम्मदिया मसजिद में मुफ्ती ए शहर मौलाना अशफाक अहमद बरकाती ने जुमे की नमाज पढ़ाई गई। इस मौके पर बड़ी मसजिद में हाफिज मोहम्मद इरशाद, कारी अमानत उल्ला ने नमाज अदा कराई।