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चौथे दिन झाड़ियों में फंसे मिले युवक व किशोर के शव

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ग्राम पथराही में नाले से शव निकालते देख रहे ग्रामीण। - फोटो : ORAI
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कुठौंद (जालौन)। क्षेत्र के पतराही गांव में चार दिन पूर्व यमुना नदी की बाढ़ में नहाते वक्त लापता हुए किशोर व युवक के शव शुक्रवार को झाड़ियों में फंसे मिल गए। शव मिलते ही रोते बिलखते परिजन नदी के किनारे पहुंचे। आनन फानन में दोनों के शव निकाले गए। इस बीच सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बता दें कि मंगलवार सुबह पतराही गांव के किशन (19) पुत्र धनपाल व गोधन (16) पुत्र शंकर सिंह नदी में नहाते समय तेज बहाव होने के कारण नदी में बह गए थे। नदी का बहाव तेज होने के कारण न तो गोताखोर नदी में उतर रहे थे और न ही प्रशासन जाल डलवा पा रहा था। जिससे तीन दिन तक शवों का कुछ पता नहीं चल सका। जलस्तर देखते हुए ग्रामीणों को शव मिलने की कोई उम्मीद भी नहीं थी। शुक्रवार को जब नदी का पानी कुछ कम हुआ तो ग्रामीणों की नजर कुछ ही दूरी पर झाड़ियों में फंसे दो शवों पर पड़ी। दोनों शव किशन और गोधन के ही थे, जो कि एक ही झाड़ी में आसपास फंसे थे।
सूचना पाते ही दोनों के परिजन और ग्रामीणों की भीड़ नदी किनारे पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद गांव के ही युवकों ने उनके शवों को बाहर निकाला। तब तक पुलिस भी पहुंच गई। शव देखते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। तीन दिन तक पानी में पड़े होने के कारण शव फूल चुके थे, उनकी सड़ांध से लोगों का पास खड़े होना दूभर हो रहा था। इधर घर पर किशन की मां सुनीता को जैसे ही बेटे का शव मिलने की जानकारी मिली तो वह बेहोश हो गई। वही गोधन की मां विमला भी बेटे की मौत की जानकारी पाते ही पागल सी हो गई थी। दोनों की मां का रोना देख वहां खड़ी भीड़ की भी आंखें नम हो गईं। गोधन तीन भाइयों समरेंद्र और गप्पू में दूसरे नंबर का था जबकि किशन भी तीन भाइयों कीरत और विजय में दूसरे नंबर का था। ग्रामीणों में इस बात की भी चर्चा रही कि आखिर तीन दिन पानी रहने के बाद भी दोनों के शव एक साथ एक ही जगह पर कैसे मिले, कहीं ऐसा तो नहीं डूबते वक्त उन्होंने एक दूसरे का हाथ न छोड़ा हो।
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