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फंदे से लटका मिला पति का शव, हंगामा

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घर और पड़ोस की गमगीन महिलाएं। - फोटो : ORAI
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कोंच (जालौन)। शादी के करीब डेढ़ साल बाद ही पति का शव घर पर ही फंदे से लटकता मिला। युवक के परिजन हत्या का संदेह जताते हुए पत्नी को मौके पर बुलाने की जिद पर हंगामा करने लगे, पुलिस ने समझा बुझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाल ललितेश कुमार का कहना है कि मृतक के पास से सुसाइड नोट भी मिला है। मामला पति-पत्नी के बीच किसी बात पर मनमुटाव का ही लग रहा है। फिलहाल कोई तहरीर भी नहीं मिली है। बाकी मामला हत्या का है कि आत्महत्या का यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट हो सकेगा।
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चमेंड़ निवासी नीरज (26) पुत्र हरगोविंद अहिरवार गुजरात प्रांत के अहमदाबाद में होटल में नौकरी करता था और दो दिन पहले ही घर लौटा था। उसकी पत्नी रोशनी चार माह से अपने मायके मुहाना में रह रही है। दोनों की शादी अप्रैल 2018 में हुई थी। नीरज मंगलवार को ही ससुराल से पत्नी को लेकर घर आया था। नीरज का पिता हरगोविंद दोपहर में जब बाजार से खरीदारी कर घर पहुंचा तो बेटे का शव कमरे में फांसी के फंदे पर लटकता पाया। जबकि बहू रोशनी घर पर नहीं थी।
बाद में जानकारी हुई कि वह पड़ोस के गांव वरोदा में अपने रिश्तेदार के घर पर है। सूचना पर कोतवाल ललितेश नारायण त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। मृतक के परिजनों ने नीरज की हत्या किए जाने की आशंका जताई और पत्नी को मौके पर बुलाने के बाद ही शव ले जाने की बात पर अड़ गए। पुलिस ने किसी तरह समझा बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इलाके में करवाचौथ से ठीक पहले हुई घटना को लेकर तरह तरह की चर्चा रही। कोतवाल का कहना है कि परिजन जो भी तहरीर देंगे, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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पत्नी का हिसाब कर चलता कर देना
पुलिस के मुताबिक सुसाइड नोट में नीरज ने साफ लिखा है कि वह अपनी मौत का जिम्मेदार स्वयं हैं। कहा कि उसके हिस्से की जो पंद्रह बीघे जमीन है वह पिता अपने पास रखे और चैन की जिंदगी जिएं। पत्नी के लिए भी उसने लिखा है कि उसका हिसाब कर चलता कर देना क्योंकि वह यहां रहने वाली तो है नहीं।
बहू-बेटे को साथ देख खुश था पिता
कोंच। काफी समय बाद मंगलवार को नीरज का पिता बेटे-बहू को एक साथ देख कर काफी खुश था। बाजार से खाने पीने का सामान लेकर घर लौटा था पर जब उसने बेटे का शव देखा तो मानो सारे सपने बिखर गए। वह बार बार छाती पीटकर बेटे नीरज का नाम ले रहा था।
पुुलिस की मनमानी, नहीं बुलाई फोरेंसिक टीम
मामले में पुलिस की मनमानी से भी परिजन नाराज हैं। न तो फोरेंसिक टीम ही बुलाई गई और न सुसाइड नोट राइटिंग एक्सपर्ट को भेजने की जरूरत समझी गई। इतना ही नहीं वे दो बाइक सवार कौन थे, जिनके साथ बाइक पर बैठकर रोशनी दोपहर के वक्त नीरज के घर के पीछे के रास्ते से निकली थी।

नीरज की फाइल फोटो- फोटो : ORAI

ग्राम चमेंड़ में मौके पर मौजूद पुलिस व ग्रामीण। - फोटो : ORAI

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