बारिश से भीगे चने की फसल दिखाते किसान
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मुहम्मदाबाद। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश से खेतों में पकी खड़ी व कटी पड़ीं गेहूं की फसलें भीग गईं। जबकि तेज हवा से कुछ फसल और भूसा उड़ा तो लगभग एक घंटा हुई बारिश से किसानों की सांसें थमीं रहीं। किसान आसमान की ओर निहार कर ईश्वर को याद करता रहा। बारिश थमने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली।
डकोर ब्लाक के मुहम्मदाबाद, कुसमिलिया, चिल्ली, कुठौंदा आदि गांवों में शुक्रवार सुबह छह बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। क्षेत्र के जिन किसानों की गेहूं व चना की फसलें खेतों में कटी पड़ी थी, उन पर तो मानों पहाड़ ही टूट पड़ा। लगभग एक घंटे तेज हवा के साथ हुई बारिश से कई किसानों की कटी फसलें उड़ गई तो कई की खेत में गिर गईं।
मुहम्मदाबाद के किसान अब्बू खान, रशीद की चना की फसल उड़ गई। कुसमिलिया, कुठौंदा, चिल्ली आदि गांवों में भी हवा बारिश से भूसा उड़ गया और कुछ का गीला हो गया। मौसम की मार से किसान परेशान है। किसान ज्ञानसिंह, राजाराम, आकाश राजपूत का कहना है कि अर्किल मटर के बाद बोई गई गेहूं की प्रजाति में खासा नुकसान हुआ है। बीते तीन दिन से मौसम खराब बना हुआ है। जिससे किसान चिंतित है।
मुहम्मदाबाद में खड़ी गेहूं की फसल दिखाता किसान ज्ञान सिंह- फोटो : ORAI