वर्ष 2015-16 की रबी फसल का बीमा कराने वाले किसानों को नुकसान के आधार पर कंपनी की ओर से क्लेम दिया जा रहा है। पूरे जिले में बीमित किसानों के लिए 66 करोड़ का क्लेम बजट है जिसे बैंकर्स को दे दिया है। इसमें से आधा बजट तो ग्रामीण बैंकों को दिया गया है। तीन नंवबर तक क्लेम की धनराशि किसानों के बैंक खाते में हर हाल में भेजी जाएगी। इसके लिए
शुक्रवार को समीक्षा बैठक में डीएम संदीप कौर ने स्पष्ट निर्देश दिए है। इस बार रबी फसल के लिए 31 दिसंबर तक प्रीमियम जमा किया जा सकता है। कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा की गई। इसमें वर्ष 2015-16 में रबी फसल दैवी आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुई थी। जिन किसानों ने फसल का बीमा कराया था, उन्हें नुकसान
के आंकलन के बाद क्लेम दिया जा रहा है। इसके लिए बीमा कंपनी की ओर से 66 करोड़ का बजट जनपद को दिया गया। इसमें बताया गया कि 33 करोड़ का बजट ग्रामीण बैंकों को वितरित करना है। एलडीएम सिद्धार्थ पाल को जिलाधिकारी संदीप कौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फसल बीमा का पैसा हर हाल में तीन नवंबर तक किसानों के बैंक खाता में भेज दिया जाए।
चार नवंबर को कोई शिकायत करता है तो बैंक की लापरवाही मानकर कार्रवाई की जाएगी। फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि वर्ष 2016-17 की रबी फसल के लिए किसान को फसल का बीमा कराने के लिए 31 दिसंबर तक का समय है। गैर ऋणी किसान भी बीमा कराने के लिए प्रीमियम राशि जमा कर फसल को सुरक्षित कर सकते है। इस पर डीएम ने कहा कि
किसानों को इसके लिए जागरूक भी किया जाए। चौपालों में इस बात का जिक्र जरूर होना चाहिए। बैठक में सीडीए एसपी सिंह, एडीएम राकेश कुमार सिंह, एआर बीरेंद्र बाबू दीक्षित के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।