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लेनदेन को लेकर हुई थी हत्या

Wed, 17 Feb 2016 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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पिछले वर्ष सितंबर में रेलवे ट्रैक के किनारे मिली युवती की अधजली लाश मामले में आखिरकार पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार लाश एक सेक्स वर्कर की थी। क्षेत्र के तीन युवकों के साथ मौज मस्ती के बाद पैसों के लेन देन के विवाद में उसका कत्ल किया गया। मामले का तीसरा आरोपी अभी भी फरार है। उसे ही इस पूरे मामले में मास्टर माइंड बताया जा रहा है।  
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इस पूरे मामले में शासन तक किरकिरी होने के बाद स्थानीय पुलिस ने क्षेत्रीय मुखबिरों को सक्रिय किया था। इसी बीच दो आरोपी वरुण पुत्र राजेंद्र प्रसाद और लकी पुत्र मुन्ना लाल निवासी कोंच ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने जब इन्हें रिमांड पर लेना चाहा तो कोर्ट ने इन्हें सशर्त छह घंटे के लिए रिमांड पर दे दिया। इस रिमांड में अदालत का शर्तनामा लगा

था कि मुल्जिमों को पुलिस धमकाएगी नहीं। उनके  वकील की मौजूदगी में पूछताछ होगी और बयान रिकॉर्ड किए जाएंगे। इस दौरान इन दोनों ने जो बताया पुलिस उसी के आधार पर नतीजा निकाल रही है। पुलिस के अनुसार दोनों युवक एक अन्य वटोले तिवारी को घटना का सूत्रधार बता रहे हैं जबकि पुलिस इस मामले में अब तक मृतका की शिनाख्त नहीं कर पाई है।
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सागर चौकी में अभियुक्तों से हुई पूछताछ के बाद जांच अधिकारी सीओ मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि 26 सितंबर की रात वटोले तिवारी एक लड़की को लेकर मंडी स्थित ‘उपवन’ में आया और उन लोगों ने वहां उसके साथ मौज मस्ती की। बाद में पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया और लड़की की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद एक काली मोटरसाइकिल

से उस लाश को सिंहवाहिनी मंदिर के पास वाले मरघट के पास से निकली रेलवे लाइन के किनारे पेट्रोल डाल कर फूंक दिया गया। पुलिस ने उक्त जरीकेन जिसमें पेट्रोल भर कर ले जाया गया था और मृतक का हैंडपर्स बरामद करने का दावा किया

है। शिनाख्त को लेकर सीओ का कहना है कि मरने वाली की पहचान अभी नहीं हो सकी है। बाकी कहानी वटोले की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आने की उम्मीद है। इस दौरान कोतवाल मनवीर सिंह, एसआई द्वय रवीन्द्र त्रिपाठी, राजेन्द्र द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

ये है पूरा मामला
पिछले वर्ष 26 सितंबर को कोंच के सिंहवाहिनी मंदिर के पास रेलवे ट्रैक पर लड़की की अधजली लाश मिलने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस ने लिखापढ़ी की और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। घटना के लगभग डेढ़ माह बाद घटनास्थल ‘उपवन’ के करीब स्थित महादेव मंदिर में पूजा करने वाले देवेंद्र सीरौठिया ने पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर शासन

तक एक पत्र भेज कर तहलका मचा दिया। उसके पत्र में तीन नामजद अभियुक्तों वटोले तिवारी, लकी अग्रवाल तथा वरूण अग्रवाल के अलावा कुछ और नामों को भी घटना से बावस्ता किया गया था। इसके बाद पुलिस ने तेजी से मामले की जांच शुरू कर दी।
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