ादसे के बाद छात्र के परिजनों से जानकारी लेती पुलिस।
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एट के मेन बाजार निवासी उमाशंकर (18) पुत्र सियाराम इंटरमीडिएट का छात्र था। घरवालों के मुताबिक उमाशंकर शनिवार देर रात घर में आए रिश्तेदारों के लिए सामान लेने गया था। इसी बीच तेज आंधी के चलते मेन बाजार में बिजली के जर्जर तार टूट गए और बत्ती गुल हो गई। अंधेरा होने की वजह से मेन बाजार में टूटा पड़ा तार उमाशंकर नहीं देख पाया और उसमें उलझकर गिर गया। जब आसपास के लोगों ने यह देखा तो बिजली विभाग के अधिकारियों को जानकारी देकर सप्लाई बंद कराई।
इसके बाद उमाशंकर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई। उमाशंकर की मौत की खबर जैसे ही परिजनों को मिली तो वह आक्रोशित हो उठे और उन्होंने बिजली विभाग को उमाशंकर की मौत का जिम्मेदार ठहराकर हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजन रास्ता जाम करने के लिए मुख्यमार्ग पर पहुंचे, तब तक पुलिस मौके पर पहुंची और नाराज घरवालों को समझा बुझाया कर शांत कराया।
वहीं एट के धगुवां रोड निवासी भोलाराम (45) पुत्र परशुराम भी बिजली विभाग की लापरवाही का शिकार हो गए। वह सुबह खेत पर जानेे के लिए घर से निकले। रास्ते में टूटे पडे़ तार को देख नहीं पाए और करंट की चपेट में आकर झुलस गए। उधर से गुजर रहे लोगों ने परिजनों को सूचना दी गई और आपूर्ति बंद कराकर उसे अस्पताल ले जाया गया। नाजुक हालत होने पर उसे झांसी मेडिकल कालेज रेफ र कर दिया। जहां देर रात उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।