विभागीय अफसर डीएम का आदेश हवा में उड़ा रहे हैं, यही वजह है कि डीएम संदीप कौर के आदेश के बावजूद प्रतिबंधित मछलियों का कारोबार खुलेआम जारी है। बुधवार को नायब तहसीलदार ने जगम्मनपुर क्षेत्र में हो रहे प्रतिबंधित मछलियोें के कारोबार की सूचना पाकर क्षेत्र में छापा मारा तो ठेकेदार मछलियों से भरा लोडर छोड़ कर भाग निकला। हैरत की बात यह है कि अफसर लोडर को थाने ले गए, लेकिन
दोपहर तक कोई कार्रवाई नहीं की। सूत्रों की मानें तो देर शाम अफसरों और पुलिस ने मछलियों से भरा लोडर छोड़ दिया। वहीं, एसडीएम भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। मामले में नायब तहसीलदार भी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे। जनपद के विभिन्न इलाकों में प्रतिबंधित मछलियों के कारोबार की भनक पाकर डीएम ने इस पर रोक लगा दी है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि
कोई इसका कारोबार करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। लेकिन स्थिति यह है कि अभी भी कुछ इलाकों में प्रतिबंधित मछलियों का कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर नायब तहसीलदार विपिन कुमार ने पुलिस फोर्स के साथ जगम्मनपुर स्थित यमुना नदी के पास छापा मारा तो वहां पर लोडर से भरी प्रतिबंधित मछलियां मिलीं, जिन्हें थाने ले जाया गया, लेकिन दोपहर तक अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। सूत्रों से जानकारी मिली कि पुलिस ने फीलगुड के चक्कर में लोडर में भरी प्रतिबंधित मछलियों को मरा बताकर छोड़ दिया हैं।
एसडीएम ने झाड़ा पल्ला
एसडीएम सुरेश चंद्र ने भी इस मामले से पल्ला झाड़ लिया है। वह कहते हैं कि मामला उनके संज्ञान में हैं, लेकिन मछलियां मरी होने की वजह से लोडर को छोड़ा गया है। फिलहाल वह मामले की जांच करा रहे हैं।