सामुदायिक केंद्र में घायल बच्चों को देखते डॉक्टर।
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कालपी। नगर के मोती चंद्र विद्या वर्मा निकेतन स्कूल में बच्चों में विवाद हो गया। दो बच्चों के परिजनों ने स्कूल में घुसकर चार बच्चों की जमकर पिटाई कर दी। इनमें दो बच्चों की हालत गंभीर है, उन्हें सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। दोनों बच्चों के अभिभावकों व स्कूल के लिपिक ने हमला करने वालों के खिलाफ अलग-अलग तहरीर दी है। प्राइवेट स्कूल कल्याणकारी सोसाइटी ने हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी न होने पर नगर के सभी निजी स्कूल बंद करने की चेतावनी पुलिस और प्रशासन को दी है।
कालपी के सदर बाजार स्थित मोती चंद्र विद्या वर्मा निकेतन में कक्षा सात में रितुराज और कक्षा पांच में अर्शमान पढ़ते हैं। दोनों छात्रों में बुधवार को कहासुनी हो गई थी। इसी बात पर गुरुवार सुबह फिर दोनों भिड़ गए। अर्शमान का घर स्कूल के पास ही है। उसने विवाद की सूचना घर पर दे दी। आरोप है कि अर्शमान के भाई सलमान ,अनीस, अरशद कुछ लोगों के साथ स्कूल में घुस आए और रितुराज, अंकित, निखिल और हिमांशु के साथ मारपीट करने लगे। शिक्षक सीपी यादव और लिपिक आश कुमार ने विरोध किया तो हमलावरों ने उनके साथ भी धक्का मुक्की कर दी। इस पर स्कूल के शिक्षकों ने पुलिस को सूचना दे दी लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले हमलावर भाग निकले। मारपीट में रितुराज और अंकित को काफी चोटें आई हैं। दोनों को सीएचसी से जिला अस्पताल भेजा गया है। रितुराज के पिता जीतू तिवारी, अंकित के पिता लाला यादव और लिपिक आश कुमार ने हमलावरों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए अभिभावकों ने स्कूल में हंगामा भी कर दिया। लिपिक का आरोप है कि हमलावरों ने स्कूल के बाद उसके घर पर जाकर भी गाली गलौज की। प्राइवेट स्कूल कल्याणकारी सोसाइटी के महामंत्री धर्मदास पाल ने एसडीएम और कोतवाली पुलिस से हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कार्रवाई न होने पर नगर के सभी निजी स्कूल अनिश्चित काल के लिए बंद करने की चेतावनी भी दी है। कोतवाल संजय गुप्ता का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
हमला करने वाले बच्चों के नाम काटे
कालपी। स्कूल प्रबंधक दीपक धवन और प्रिंसिपल ओम प्रकाश ने बताया अर्शमान और कासान के परिजनों ने स्कूल में घुसकर मारपीट की। इन दोनों ही बच्चों के नाम स्कूल से काट दिए गए हैं। प्रबंधक ने कहा कि अभिभावकों को बच्चों से मारपीट करने के बजाए प्रधानाचार्य से शिकायत करनी चाहिए थी। इस तरह का आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इनसेट
बंद थे स्कूल के सीसीटीवी कैमरे
कालपी। बच्चों के साथ मारपीट के दौरान स्कूल के सीसी टीवी कैमरे बंद थे। प्रबंधन ने बताया कि स्कूल बंद होने के बाद कैमरे भी बंद कर दिए जाते हैं। प्रिंसिपल कक्ष में सिस्टम लगा है, इससे सुबह उनके आने के बाद ही कैमरे चालू होते हैं। मारपीट के समय प्रिंसिपल स्कूल नहीं आये थे इसलिए कैमरे चालू नहीं हो सके।