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गैंगरेप के आरोपी निकले नट गिरोह के डकैत

Sun, 14 May 2017 11:57 PM IST
अमर उजाला जालौन
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खुलासा करते एसपी स्वप्निल ममगोई व हिरासत में लिए गए आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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गोहन के पास बीती 4 मई को महिला के साथ उसके पति के सामने किए गए गैंगरेप के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि लोडर चालक समेत तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। पीड़िता कोर्ट में 164 के बयान में गैंगरेप की बात नकार चुकी है। अब पुलिस के सामने गैंगरेप को स्थापित करने की चुनौती है।
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एसपी स्वप्निल ममगोई ने पत्रकार वार्ता में बताया कि लूट और गैंगरेप की घटना को अंजाम देने वाले नट गैंग के डकैत हैं। इन पर लूट, डकैती और जानलेवा हमले के कई मामले दर्ज हैं। ये गिरोह पकड़ा न जाता तो कुछ और बड़ी वारदात को अंजाम देता। हाल ही में कानपुर के सचेंडी थाने मेें हुई डकैती में इसी गिरोह का हाथ था।

बता दें कि चार मई को गोहन के पास औरैया से लोडर पर आ रहे दंपति के साथ बदमाशों ने न सिर्फ मारपीट व लूटपाट की थी, बल्कि पति के सामने उसकी पत्नी का गैंगरेप भी किया था। महिला ने आठ लोगोें के खिलाफ गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश मेें जुटी हुई थी। एसपी ने बताया कि सर्विलांस टीम की मदद से भूरा पुत्र मुश्ताक निवासी अजीतमल औरैया, फिरोज उर्फ लंगड़ा पुत्र अब्दुल औरैया, कल्लू पुत्र नत्थू निवासी औरैया को पकड़ा गया है। जबकि इनके तीन अन्य साथी अली मोहम्मद निवासी औरैया, रफीक पुत्र मजीक भिंड एमपी, भूरा पुत्र अज्ञात निवासी भिंड एमपी फरार हैं।
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एसपी केे मुताबिक वारदात वाली रात सभी छह बदमाश औरैया से ही गोहन के लिए सवार हुए थे और बीच रास्ते में इन लोगों ने घटना को अंजाम दिया। पकडे़ गए आरोपियों को न सिर्फ महिला ने शिनाख्त परेड में पहचाना है, बल्कि इनके कब्जे से लूटे गए छह हजार रुपये, मंगलसूत्र व अंगूठी भी बरामद हुए हैं। इन बदमाशोें ने बताया कि इनका गिरोह असलहों से लैस होकर सड़क चलते लोगों के साथ सवारियां बनकर या फिर घरों में धाबा बोलकर लूटपाट व डकैती की घटनाएं करता है।

इनके गैंग में लोडर से लेकर डीसीएम और ट्रैक्टर भी साथ चलते हैं। जिससे ये लूटे गए माल की लोडिंग करते हैं। एसपी का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही नटों का पूरा गिरोह सलाखों के पीछे होगा।

दोबारा 164 का बयान कराने से ही बनेगी बात
कानपुर। इस मामले में एडवोकेट शिवाकांत दीक्षित का कहना है कि महिला 164 में अगर यह बयान दे चुकी है कि उसके साथ रेप नहीं हुआ तो इसका फायदा आरोपियों को मिलेगा। ऐसे में पुलिस जब तक दोबारा 164 का बयान नहीं कराती कि किन मानसिक या सामाजिक परिस्थितियों में महिला ने पहला बयान दिया होगा, आरोपियों पर गैंगरेप का मामला सिद्ध नहीं होगा। मामला संवदेनशीन और कानूनी बारीकी वाला है। इसमें विवेचक का कौशल महत्वपूर्ण होगा।
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