तहसील प्रशासन की लापरवाही के चलते एक राजस्वकर्मी ने स्टांप खरीद के करीब
25 लाख 26 हजार रुपये का गबन कर लिया। जब इसकी जानकारी आला अधिकारियों को
हुई तो हड़कंप मच गया। तहसीलदार ने आरोपी लिपिक के खिलाफ कोतवाली में
रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी लिपिक को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही
पर पांच लाख रुपये बरामद
कर लिए हैं। पुलिस अन्य स्थानों पर रुपये बरामदगी
के लिए दबिश दे रही है। कालपी तहसील में कार्यरत लिपिक रामकुमार
निवासी एट स्टांप की बिक्री करता था। नवंबर में उसने करीब 25 लाख 26 हजार
रुपये के स्टांप की बिक्री की लेकिन उसने यह सरकारी रुपये कोषागार में जमा न
कर उसका गबन कर लिया। जब विभागीय अधिकारियों ने खजाना खाली देखा तो
लिपिक
रामकुमार से पूछताछ की तो वह गोलमोल जवाब देने लगा। इस पर तहसीलदार भूपाल
सिंह ने वरिष्ठ कोषाधिकारी उरई विवेक सिंह को मामले की जांच दी। वह
मंगलवार को तहसील आए और आरोपी लिपिक के स्टांप बिक्री के अभिलेख खंगाले तो
उसमें करीब 25 लाख 26 हजार रुपये की हेराफेरी पाई। इस पर उन्होंने अपनी
रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी। तहसीलदार ने
आरोपी लिपिक के खिलाफ कालपी
कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद पुलिस ने तहसील पहुंचकर आरोपी
रामकु मार को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर 5 लाख रुपये बरामद कर लिए।
इसके बाद आरोपी को ले जाकर कई और
स्थानों पर दबिश दी लेकिन कुछ नहीं मिला।
कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी लिपिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर
जेल भेज दिया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
साहब पैसे खर्च हो गए
आरोपी
रामकुमार से जब कोतवाली पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि
साहब पैसे खर्च हो गए। यह सुनकर सभी अवाक रह गए। प्रशासनिक अधिकारियों का
कहना है कि आरोपी के कई अन्य परिजनों के बैंक खातों की भी जानकारी ले रहे
हैं ताकि सरकारी धन की ज्यादा से ज्यादा रिकवरी हो सके।