फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्र की मौत पर बवाल, पुलिस पर पथराव, रोकी ट्रेन

Mon, 26 Sep 2016 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
विज्ञापन
घटना के चलते जाम लगाए परिजन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कोचिंग जाते समय किशोर टूटी एचटी लाइन की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। खबर पाते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। उरई स्टेशन पार कर रही साबरमती एक्सप्रेस को रोक लिया। सूचना पाकर सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ जंगबहादुर कई थानाें की पुलिस और पीएसी के साथ पहुंचे
विज्ञापन


और लोगों को स्टेशन से हटाया। भीड़ ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। इस पर रेलवे के अफसरों ने बिजली विभाग के अधिकारियाें को मौके पर बुलाकर पीड़ित पिता को दो लाख रुपये का चेक दिलाया। तभी मृतक के साथी छात्राें ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इससे एक बार फिर अफरा तफरी मच गई। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज

दिया। पुलिस ने कांग्रेसी नेता सहित पांच लोगों को हिरासत में ले लिया है। मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी शिवम् श्रीवास (17) पुत्र बालकिशुन श्रीवास सोमवार की सुबह करीब पांच बजे साइकिल से तुफैलपुरवा कोचिंग जा रहा था। रेलवे स्टेशन स्थित मालगोदाम के पास टूटे पड़े एचटी लाइन के तार की चपेट में आ गया। इससे झुलसकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
विज्ञापन


घटना की जानकारी होने पर बदहवास परिजन व मोहल्ले के लोग भी आ गए और बिजली अधिकारियाें व कर्मचारियाें पर रिपोर्ट दर्ज कर मुआवजे की मांग करने लगे। इसी दौरान साबरमती एक्सप्रेस आ गई। गुस्साए लोगों ने ट्रैक बाधित कर दिया। आरपीएफ ने हटाना चाहा तो उनसे भिड़ गए। सूचना पाकर सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ जंगबहादुर सिंह पहुंचे और

लोगाें को समझाकर स्टेशन से हटाया तो लोग शव के पास आ गए। सपा विधायक दयाशंकर वर्मा भी आ गए और भीड़ को शांत कराया। पांच घंटे तक चले उपद्रव के  बाद सीओ ने कुछ संभ्रांत लोगाें से बात कर बिजली विभाग के अधिकारी को मौके पर बुलाया। मृतक के पिता बालकिशुन को दो लाख रुपये का चेक देकर विभाग में संविदा पर नौकरी भी देने का

आश्वासन दिया। मामला सुलटने के बाद जब पुलिस शव उठाने लगी तो शिवम के सहपाठी गांधी इंटर कालेज के छात्राें ने पुलिस पर पथराव क र दिया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेसी नेता संतराम नीलांचल सहित चार लोगाें को हिरासत में ले लिया। कोतवाल सुनील कुमार तिवारी ने

बताया कि अभी पीड़ित पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी है। जो भी तहरीर दी जाएगी उसकी जांचकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेसी नेता सहित पांच लोगों को एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया है। उधर आरपीएफ  ट्रेन रोकने के मामले में रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें