कस्बे के हरचंदपुर गांव में पोलियो ड्राप पीकर सोई बच्ची की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम और एसीएमओ ने बच्ची के परिवार वालों को समझाबुझाकर शांत कराया। एसीएमओ ने बताया कि ड्राप पीने से बच्ची की मौत नहीं होती है। तमाम बच्चों ने ड्राप पी थी, लेकिन मौत सिर्फ एक बच्ची की हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। प्रभारी थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची की मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
एएनएम सुमित्रा और आशा बहू ज्योति बुधवार सुबह हरचंदपुर गांव में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने पहुंची थीं। दोनों गांव के दर्जनभर से ज्यादा बच्चों को ड्राप पिलाईं। इसी बीच पप्पू पठान की 10 माह की नातिन इकरा पुत्री इदरीस के अलावा सलमान के बच्चों सहिस्ता व मेहसा को पोलियो ड्राप पिलाई। पप्पू पठान का कहना है कि दवा पीने के बाद ही इकरा सो गई।
काफी देर तक उसके न उठने पर उसे देखा गया तो इकरा बिस्तर पर मृत पड़ी थी। कुछ ही देर में मामला गांव भर में फैल गया और देखते ही देखते पठान के घर के बाहर लोगों की भीड़ एकत्र होने लगी। पप्पू पठान का आरोप है कि ड्राप में कुछ गड़बड़ी थी, जिस कारण इकरा की मौत हुई है। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद डॉक्टरों की टीम में प्रभारी चिकित्साधिकारी एसडी चौधरी, डॉ. अशोक चक्र, डॉ. विशाल आदि भी पहुंच गए।
किसी के भी ड्राप के कारण मौत की बात गले नहीं उतर रही थी। कुछ देर बाद एसीएमओ डॉ सत्यप्रकाश भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। एसीएमओ का कहना है कि यदि ड्राप गड़बड़ होती तो अन्य बच्चों के साथ भी अनहोनी हो सकती थी। फिर भी मामले की गंभीरता पूर्वक जांच पड़ताल कराई जाएगी। परिजनों के न मानने पर आखिर में इकरा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का निर्णय लिया गया।
पठान ने बताया कि चार माह पूर्व ही इकरा की मां सबा खातून की हमीरपुर स्थित ससुराल में मौत हो गई थी। इस पर वे ही बच्ची को लेकर उसकी ननिहाल आ गए थे। तब से इकरा को अपनी जान से ज्यादा प्यार कर अपने पास ही रखते थे।
इकरा की मौत की खबर फैलते ही गांव की महिलाओं में दहशत फैल गई। जिन बच्चों ने बुधवार की सुबह ही दवा पी थी, वे उन्हें उल्टियां कराने लगीं। डॉक्टरों की टीम ने जब महिलाओं को समझाया, तब जाकर महिलाएं शांत हुईं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने एएनएम और आशा बहू को बुलाकर उनकी किट की जांच पड़ताल की। सूत्रों की मानें तो किट को स्वास्थ्य विभाग में जांच के लिए भेजा जा सकता है। हालांकि कोई अधिकारी अभी इस पर कुछ स्पष्ट नहीं बोल रहा है।