बघौरा निवासी हरेंद्र सिंह चौहान ने पुलिस को बताया कि उनके मकान पर काम चल रहा था। घर के बाहर बेटे का बेटा गौरव (13) और बेटी की बेटी साक्षी (12) खेल रहे थे। तभी पता पूछने के बहाने एक मारुति वैन दोपहर करीब तीन बजे के आसपास आकर रुकी और बच्चों को जबरन खींच ले गई। जब बच्चे थोड़ी देर तक घर नहीं पहुंचे तो हम लोग खोजने निकले तो वो नहीं मिले। तत्काल ही पुलिस को सूचना दी गई।
हरकत में आई पुलिस हाईवे के अलावा रेलवे और बस अड्डों के आसपास मुस्तैद हो गई। शाम करीब सात बजे के आसपास दोनों बच्चे स्टेशन रोड स्थित एक होटल के पास रोते हुए राहगीरों को मिले और उन्होंने ही अपने अपहरण की कहानी बताई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। फिर परिजन भी मौके पर पहुंच गए। एसपी स्वयं बच्चों को परिजनों के सुर्पुद करने पहुंचे। वहीं कोतवाली पुलिस अपहरण की घटना को नकार रही है। कोतवाल के मुताबिक बच्चे डरे हुए हैं, इसलिए अपहरण की कहानी गढ़ रहे हैं।