उरई शहर में कोतवाली के निकट स्थित एक गेस्ट हाउस में आटा क्षेत्र के एक भाजपा नेता के बेटे की शादी थी। लड़की वाले कानपुर के बर्रा क्षेत्र से आए थे। देर रात ढाई तीन बजे के आसपास जब मंडप पर फेरों का कार्यक्रम चल रहा था। दुल्हन के पिता का आरोप है कि तभी लड़के वालों ने दहेज में कार की मांग शुरू कर दी। बात बढ़ने पर लड़के वालों ने पांच के बाद फेरे ही रोक दिए और विवाद देखते देखते मारपीट में तब्दील हो गया।
बताया कि दूल्हे ने बेटी को धक्का दे दिया जिससे उसे चोटें आई है और पुरोहित को भी पीट दिया। कुछ बारातियों ने जनातियो के साथ भी हाथापाई की। पूरे समारोह में चीख पुकार मच गई। इसके बाद दूल्हा और उसका पिता धमकी देते हुए भाग गए। तब वह पुलिस को सूचना देकर बेटी को अस्पताल लेकर पहुंचे। इसके बाद रविवार सुबह बेटी को साथ लेकर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि लड़के पक्ष को 7 लाख नगद और तीन लाख के जेवर पहले ही दे चुके है।
इसके बाद भी वे लोग दहेज में कार की मांग कर रहे थे। कोतवाल का कहना है कि लड़की के पिता की तहरीर पर आरोपी भाजपा नेता व उनके बेेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश की जा रही है। उधर, पूरे मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र गुप्ता का कहना है कि मामला दहेज का नहीं लग रहा है। फिर भी यदि दहेज की बात अगर सही साबित हुई तो नेता के खिलाफ पार्टी स्तर पर भी कार्रवाई हो सकती है।
समझौते का भाजपाइयों ने बनाया दबाव
भाजपा नेता के बेटे की शादी में शामिल भाजपा के बड़े नेताओं को जब रविवार को बवाल की बात पता चली तो उन्होंने पैरवी में पुलिस से लेकर लड़की वालों तक को फोन कर दबाव बनाना शुरू कर दिया लेकिन चुनाव का समय देखते हुए पुलिस ने सिफारिशों को दरकिनार कर दिया।
जयमाल से ही शराब पीने का आरोप
लड़की के पिता की मानें तो दूल्हे ने जयमाल के वक्त से ही शराब पीनी शुरू कर दी थी और फेरों के समय में भी पी रखी थी। मारपीट करते समय धमकी दे रहा था कि उसके पिता नेता है, पुलिस भी उसका कुछ नही बिगाड़ सकती है।