एसपी देहात की स्पेशल टीम और थाना बरसाना पुलिस ने हाथिया के छह शातिर टटलू लुटेरे दबोच लिए। पकड़े गए सभी सदस्य हाजी कमल खां गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। गैंग में शामिल तारिक सोशल मीडिया के जरिए व्यापारियों से संपर्क बनाकर खुद को होडल का कारोबारी बताता था। वह फेसबुक और वाट्सएप पर फ्रेंडशिप कर डीलिंग करने में माहिर है।
एसपी देहात अजय कु मार पांडेय के नेतृत्व बरसाना पुलिस ने हाजी कमल खां गैंग से मध्यप्रदेश के स्क्रैप कारोबारी अशोक राय और राहुल राय को मुक्त कराया था। इसके बाद पुलिस लुटेरों की लोकेशन लेने में जुट गई तो उनकी लोकेशन जयपुर में मिली।
टीम जयपुर के थाना माणक चौक इलाके में एक बैंक में पहुंची। वहां से पुलिस ने तारिक, हसर, हारिस, शाहरून, लियाकत निवासी हाथिया बरसाना और सल्लम को दबोच लिया। उनके कब्जे से लूटी गई बोलेरो और तीन तमंचा बरामद किए।
टटलुओं ने बताया कि वे आरटीजीएस से खाते में डलवाई गई फिरौती की रकम को निकालने आए थे। पुलिस ने उनसे एक लाख 90 हजार का चेक भी बरामद किया। एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों में तारिक नेट पर स्टील, जेनरेटर, कापर के कारोबारियों को सर्च कर उनके मोबाइल नंबर ले लेता था और सोशल मीडिया पर खुद को होडल का व्यापारी साबित कर डील करता था। गैंग हाथिया के जंगल में व्यापारियों को बुलाकर उनका अपहरण कर लेते थे और आरटीजीएस से रकम खाते में डलवाने के बाद उन्हें छोड़ देते थे।
दो साल में कमाए 60 लाख
टटलू लुटेरे तारिक ने बताया कि उसने दो साल में दो दर्जन से अधिक लोगों का अपहरण कर खातोें में 60 लाख से अधिक की नकदी डलवाई और निकाल ली। इसमें वे एक खाते में तीन से चार लोगों को ही खाते का नंबर देते थे। फिर दूसरी बैंक में खाता खुलवा लेते थे।