कदौरा। मिनी कामधेनु योजना के अंतर्गत करीब एक करोड़ का लोन लेकर उसकी किस्तें न देने के आरोप में बैंक प्रबंधन ने आपस में रिश्तेदार ब्लाक प्रमुख और ग्राम प्रधान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। मामले में ग्राम प्रधान के पिता के अलावा एक अन्य बसपा नेता को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामला करीब तीन साल पुराना है। लिहाजा जांच पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी।
थाना क्षेत्र के ग्राम बवीना स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक आदित्य वर्मा ने बताया कि मिनी कामधेनु योजना के अंतर्गत स्टेट बैंक बबीना से निस्बापुर के प्रधान एवं प्रधान संघ के अध्यक्ष हेमंत पुत्र रामशरण और उनके पिता रामशरण पुत्र लल्लू के अलावा कदौरा से सपा के ब्लाक प्रमुख विजय सिंह पुत्र रामकरन सभी निवासी ग्राम निस्बापुर और बसपा कार्यकर्ता इरफान पुत्र हबीब निवासी चतेला ने समिति बनाकर करीब तीन साल पहले सपा सरकार के कार्यकाल में तकरीबन एक करोड़ का लोन कामधेनु योजना के नाम पर लिया था।
हेमंत और विजय चचेरे भाई भी हैं। बैंक से ऋण लेने के बाद इन लोगों ने किस्तें जमा नहीं की और खरीदी गईं गाय भैंसों को भी बेच दिया। बैंक प्रबंधन के मुताबिक कई बार अधिकारियों ने डेरी का निरीक्षण भी किया लेकिन एक भी मवेशी नहीं मिले। इतना ही नहीं जब ऋण की बकाया धनराशि जमा करने के लिए चारों से कहा गया तो भी वे चुप्पी साधे रहे।
फिलहाल पुलिस ने शाखा प्रबंधक की तहरीर पर चारों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। प्रभारी निरीक्षक कामता प्रसाद का कहना है कि शाखा प्रबंधक के अलावा आरोपियों के भी बयान लिए जाएंगे और कागजों की भी जांच पड़ताल की जाएगी।
इस बारे में ब्लाक प्रमुख विजय सिंह व प्रधान हेमंत सिंह का कहना है कि उन लोगों ने 2015 में सपा सरकार की ओर से शुरू की गई मिनी कामधेनु योजना के अंतर्गत लोन लेकर डेरी शुरू की थी और करीब दो दर्जन किस्तें भी जमा की थी, लेकिन सरकार बदलते ही योजना के नाम पर मिल रही सब्सिडी भी बंद हो गई। इस कारण सिर्फ कुछ ही किस्तें अदा नहीं हो पाई हैं। बाकी की किस्तें भी जमा कराने का प्रयास करेंगे।