ट्रक से मौरंग जमीन पर उतारते ट्रक चालक।
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बता देें कि उरई-राठ मार्ग स्थित मकरेछा, सिमिरिया, मुहाना, चिकासी, बंधौली आदि जगहों पर मौरंग खनन होता है। इन घाटों से बड़ी संख्या में ट्रक ओवरलोड मौरंग लादकर निकलते है। इसके खिलाफ जिलाधिकारी ने एक सप्ताह तक अनवरत अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को अभियान के दूसरे दिन एआरटीओ सर्वेश कुमार सिंह, खनिज अधिकारी राजेश कुमार व तहसीलदार सदर श्रीराम यादव व मंडी चौकी इंचार्ज के साथ पुलिस बल की मौजूदगी में चेकिंग अभियान चलाया।
चेकिंग की खबर लगते ही ट्रक चालकों में हड़कंप मच गया। कई ट्रक चालक मौरंग को रास्ते में छोड़कर वापस हो गए। हमीरपुर से आने वाले ट्रक वालों ने तो औने पौने दामों में मौरंग बेच दी। कुछ ट्रक वालों ने आसपास के गांववालों से ट्रैक्टर मंगवाकर मौरंग खाली करवा दी। तहसीलदार ने बताया कि अभियान के दौरान 18 ट्रकों का चालान कर उन्हें मंडी चौकी व डकोर थाने में खड़ा करवा दिया गया है। उधर, ट्रक चालकों व मालिकों का कहना है कि यह उत्पीड़न का मामला है।
यदि घाटों से ही ओवरलोडिंग बंद कर दी जाए तो अपने आप ओवरलोडिंग रुक जाएगी। कालपी प्रतिनिधि के अनुसार, एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला एवं क्षेत्राधिकारी सुबोध गौतम के नेतृत्व में टीम ने ओवरलोड व अवैध खनन को लेकर चेकिंग अभियान चलाया। कोतवाल सुधाकर मिश्रा के मुताबिक चेकिंग अभियान में 12 ओवरलोड ट्रकों को पकड़ कर सीज कर दिया गया है। जिला प्रशासन के निर्देशन में यह अभियान गतिशीलता से चलता रहेगा।