घटना शहर कोतवाली क्षेत्र की है। शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह राजपूत ने बताया कि मासूम के पिता के साथ होटल में काम करने वाले उत्तराखंड के गोपेश्वर जिला अल्मोड़ा निवासी राजू उर्फ पूरन पुत्र धनीराम ने घटना को अंजाम दिया था। वह आठ साल की मासूम को 17 जून 2015 को सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपने साथ नैनीताल ले गया था।
जहां एक जगह उसके साथ बलात्कार की कोशिश कर रहा था। तभी मासूम के चिल्लाने पर लोग आ गए और आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। नैनीताल पुलिस की सूचना पर कोतवाली पुलिस के साथ पिता भी पहुंच गया। पुलिस आरोपी को अपने साथ लाई थी। तब से वह जेल में बंद था। इस मामले में शनिवार को अपर जिला जज प्रथम चंद्रपाल सिंह की अदालत ने राजू पर दोष साबित हो जाने दस साल की कैद व 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।