कोंच। कैलिया थाना क्षेत्र के ग्राम सलैया में लगे मेले के बीच चल रहे भंडारे में मंगलवार की देर रात पुलिस के पहुंचने से खासा हंगामा हो गया। भंडारे के आयोजन कर्ताओं का आरोप है कि पुलिसवालों ने न सिर्फ वहां चल रहे भजन कीर्तन को बंद करा दिया बल्कि भंडारे का सामान भी फेंक दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि मौके पर अश्लील डांस हो रहा था, जिसे ही बंद कराकर साउंड सिस्टम थाने लाया गया है। भंडारे में किसी भी तरह का कोई व्यवधान नहीं डाला गया है। दोनों पक्षों में काफी देर तक झड़प हुई। भीड़ ने जाम लगाने का प्रयास किया और पुलिस के खिलाफ नारे भी लगाए। सीओ शीशराम का कहना है कि मामले से अधिकारियों को अवगत कराकर जांच पड़ताल कराई जा रही है।
दीपावली से लेकर दो से तीन दिन तक श्रद्धालुओं की भीड़ रतनगढ माता मंदिर दर्शन कि लिए जाती है। ग्राम सलैया के पास भी इस तरह का एक स्थान है जहां मेला लगता है। कैलिया गांव के बाहर नाले के पास श्रद्धालुओं के लिए इलाकाई ग्रामीण तीन दिन तक भंडारे का आयोजन करते हैं।वहीं उसे मेले का रूप भी दिया जाता है। मंगलवार की देर रात पुलिस को सूचना मिली कि वहां लोगों का भारी जमावड़ा है और डीजे आदि तेज आवाज में बजाए जा रहे हैं। इस पर एसओ महेश दुबे फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और चल रहा कार्यक्रम न केवल बंद करा दिया बल्कि लाउडस्पीकर और साउंड बॉक्स आदि भी वहां से उठवाकर थाने ले जाने लगे। पुलिस की इस हरकत से भंडारे व मेले में शामिल लोग आक्रोशित हो गए। काफी देर तक पुलिस व पब्लिक के बीच झड़प होती रही। हंगामे की सूचना पर सीओ शीशराम सिंह कोंच के प्रभारी निरीक्षक ललितेश नारायण त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाबुझा कर शांत कराया। इसके बाद साउंड सिस्टम भी वापस करा दिया गया। भंडारे की देखरेख करने वाले मोहित कुमार का कहना है कि पुलिस ने पूड़ी-सब्जी भी फेंकवा दिया, जिससे भंडारे में व्यवधान पड़ा है। मौके पर सिर्फ भजन कीर्तन ही हो रहा था।
वहीं थाना प्रभारी महेश दुबे का कहना है कि भंडारे को बिल्कुल भी नहीं बंद कराया गया है, दूसरी ओर फिल्मी गानों पर अश्लील डांस हो रहा था, जिसको ही पुलिस ने बंद कराया था। उसका वीडियो भी बना है, जिसे अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। पुलिस के मुताबिक, उन्हें डांस के दौरान हवाई फायरिंग की सूचना मिली थी, जिस पर ही फोर्स पहुंचा था।