उरई। जालौन कोतवाली पुलिस ने महिला व उसके बेटे समेत तीन स्मैक तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके पास से पुलिस ने 380 ग्राम स्मैक व बिक्री के 30 हजार 700 रुपये भी बरामद किए गए। बरामद की गई स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़े गए दो तस्करों पर जालौन कोतवाली में पहले से ही विभिन्न धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। एसपी ने पुलिस कार्यालय में तस्करों का खुलासा किया। गिरफ्तार करनेवाली टीम को एसपी ने पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की।
बुधवार को एसपी सतीश कुमार ने पुलिस कार्यालय में बताया कि जालौन कोतवाली प्रभारी निवासी सुनील कुमार सिंह ने मंगलवार को राजा सिंह पुत्र स्वर्गीय कैलाश सिंह, निवासी ग्राम सालाबाद कोतवाली जालौन, छोटू उर्फ तालिब उर्फ आंशु पुत्र वहीद खां निवासी तोपखाना कोतवाली जालौन और उसकी मां जरीना पत्नी वहीद खां को गिरफ्तार कर उनके पास से 380 स्मैक और स्मैक बिक्री के 30,700 रुपये बरामद किया।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए छोटू उर्फ तालिब पर जालौन कोतवाली में एनडीपीएस के दो व जुआ एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। जबकि, राजा सिंह पर विभिन्न धाराओं में छह मामले जालौन कोतवाली में दर्ज हैं। पकड़े गए तस्कर काफी समय से अवैध स्मैक बिक्री के धंधे में संलिप्त हैं। उन पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। तस्करों को पकड़ने वाली टीम में उपनिरीक्षक शीतला प्रसाद मिश्रा, शफीक अहमद, स्वामीनाथ पांडेय, सिपाही लवकुश, भूपेश कुमार, प्रीति सिंह, साधना आदि रही।
पुलिस की मानें तो तस्करों के साथ पकड़ी गई महिला और उसका बेटा ही पूरे कारोबार के मुख्य सरगना हैं। इन्हीं के घर से स्मैक की सप्लाई न सिर्फ जनपदों में बल्कि आसपास के जिलों में भी की जाती थी। पूरे दिन स्मैक के शौकीन लोगों का महिला के घर आना-जाना लगा रहता था। महिला के पास लग्जरी गाड़ी और अपना मकान भी है।
इलाकाई लोगों ने बताया कि महिला काफी से समय से स्मैक बिक्री का कारोबार कर रही है लेकिन पुलिस के हाथ नहीं लग पाई। इससे पहले 2005 में उक्त महिला को पुलिस ने स्मैक तस्करी के आरोप में पकड़ा था। महिला का पति भी सालों से लापता है, वह भी स्मैक का ही कारोबार करता था।
पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि अधिकांश रिक्शा चलाने वाले या फिर मजदूर तबके के लोग ही उनसे स्मैक लेने आते थे। इसके अलावा गिरोह के कुछ सदस्य कालेजों के आसपास भी सक्रिय रहते थे, और वे वहां के छात्रों को स्मैक की लत लगाने का प्रयास किया करते थे।
जिले में अभी अवैध शराब का कारोबार ही ज्यादा चल रहा था लेकिन जालौन कोतवाली क्षेत्र में पकड़ी गई स्मैक से यह तो तय हो गया है कि यह धंधा भी धीरे-धीरे पांव पसार रहा है। जिस पर रोक लगाना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के सदस्यों को रिमांड पर लेकर पूरे संजाल के बारे में पता किया जाएगा।