उरई । जिला क्रिकेट एसोसिएशन की वार्षिक बैठक में दस प्रस्तावों पर चर्चा की गई। सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिए गए। इसके बाद अंपायर-स्कोरर कार्यशाला का समापन किया गया। तीन दिन तक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
डीसीए अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव के. रवींद्र नायक ने कहा कि डीसीए की टीम पूरे मनोयोग से क्रिकेट के प्रति समर्पित है। यूपीसीए से वादा करता हूं कि अच्छे से अच्छे खिलाड़ी देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर रियासत अली से कहा कि तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर की जो कमी है उसको यूपीसीए पूरा करने का प्रयास करें। ताकि खिलाड़ियों को क्रिकेट की तकनीकी जानकारी मिल सके। डीसीए के पास आज ग्रामीण और शहरी मिलाकर आठ एकेडमी हैं। उन्होंने डीसीए के संस्थापक श्याम बाबू को यूपीसीए का बोर्ड ऑफ डायरेक्टर चुने जाने पर सम्मानित किया।
यूपीसीए के डायरेक्टर रियासत अली कहा कि जो खिलाड़ी ज्यादा ऊपर लेवल पर क्रिकेट नहीं खेल सकते हैं वे निराश ना हों। उनके लिए आगे काफी अवसर हैं। वे अंपायर, स्कोरर, वीडियो एनालिस्ट, ट्रेनर बन सकते हैं। फिजियो अथवा कोच भी बन सकते हैं। डीसीए के उपाध्यक्ष विनोद चतुर्वेदी, सुरेश निरंजन भैया जी और डीसीए सचिव विकास कुमार ने भी विचार रखे। इस मौके पर अंपायर कमेटी के चेयरमैन बीडी शुक्ला, शरद शर्मा, हरेंद्र विक्रम सिंह ,उदयवीर सिंह, उत्तम कुमार सचिन, रिक्की सिंह, आशीष प्रजापति आदि मौजूद थे।