फोटो-15-मॉडिफाइड साइलेंसर की जांच करते परिवहन अधिकारी। स्रोत-विभाग
चेकिंग के दौरान वाहनों में आफ्टर-मार्केट’ साइलेंसर लगे पाए गए, काटे चालान
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। झांसी मंडल के संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख चौराहों पर मॉडिफाइड साइलेंसर, हूटर व प्रतिबंधित हॉर्न के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करने वाले दोपहिया वाहनों, खासकर बुलेट, स्पोर्ट्स बाइक पर विशेष नजर रखी गई।
चेकिंग के दौरान कई वाहनों में कंपनी के मानकों के विपरीत ‘आफ्टर-मार्केट’ साइलेंसर लगे पाए गए। कार्रवाई करते हुए चार वाहनों के चालान मोटर वाहन अधिनियम के तहत किए गए, वहीं अन्य नियम उल्लंघन करने वाले वाहनों के भी चालान काटे गए। प्रवर्तन टीम ने कई वाहनों से मौके पर ही अवैध साइलेंसर उतरवाकर जब्त कर लिए।
अधिकारियों ने बताया कि वाहनों में ध्वनि विस्तारक यंत्र या संशोधित साइलेंसर का उपयोग न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ाता है, बल्कि सड़क पर अन्य चालकों का ध्यान भटकाकर दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शोर संबंधी मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
निरीक्षण अभियान के दौरान वरिष्ठ एआरटीओ (प्रशासन/प्रवर्तन) सुरेश कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन राजेश कुमार, यात्रीकर/मालकर अधिकारी विनय कुमार पांडेय व टीएसआई वीर बहादुर सिंह भी मौजूद रहे।
गैराज और एजेंसियों पर भी कड़ी नजर
उरई। परिवहन विभाग की टीम ने रॉयल इनफील्ड एजेंसी सहित अन्य स्थानीय गैराजों, ऑटो पार्ट्स डीलरों के यहां औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बिक्री के लिए उपलब्ध वाहनों की भी जांच की गई। जांच के बाद एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए गए कि यदि कोई वर्कशॉप अवैध रूप से साइलेंसर मॉडिफिकेशन करते हुए पाई गई, तो उसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ किया कि ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी संबंधित गैराज और ऑटो पार्ट्स स्वामी की होगी।