स्थानों पर अवैध मतों को लेकर एजेंटों में तकरा हुई। इसके अलावा एक मतपेटी
से पानी निकलने पर मतगणना प्रभावित रही। चुर्खी व डकोर सीट पर सबकी नजर
रही। चुर्खी पर तो मारपीट भी हुई थी और दोनो पक्षों की ओर से मामला दर्ज
कराया गया था। इसके चलते डीएम रामगणेश व एसपी एन कोलांची ने स्वयं भी
भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया।
मतगणना के लिए प्रशासन ने शनिवार को ही
पूरी तैयारी कर ली थी। रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना
शुरू हुई और देर रात तक प्रत्याशियों के जीत हार के परिणाम घोषित किए जाते
रहे। जिला पंचायत की 25 सीटों के लिए 377 उम्मीदवार मैदान में हैं जबकि
क्षेत्र पंचायत की 639 सीटो के लिए 2905 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला
किया गया।
इसमें समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र पंचायत की 240 सीटों के
परिणाम घोषित कर दिए गए थे। मतगणना के दौरान चुर्खी सीट पर सभी की नजर
रही। यहां पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह की पत्नी उमा देवी तो
विपक्ष में पूर्व सपा जिलाध्यक्ष विष्णुपास सिंह की पत्नी इच्छाराजे मैदान
में थी। दोनों ही सपा के दिग्गजों की प्रतिष्ठा की इस जंग का परिणाम हर कोई
जानना चाह रहा था। इसी तरह डकोर पर स्वयं जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल
सिंह यादव प्रत्याशी थे। लिहाजा यह सीट भी हाई प्रोफाइल मानी गई और यहां के
परणिाम पर विभिन्न दलों के नेताओं की नजर रही। रेंढ़र सीट भी प्रतिष्ठा की
जंग बनी हुई थी। यहां के रुझान जानने के लिए लोगों में चर्चा रही।