अमर उजाला अखबार पढ़ते डॉ रविंद्र राजपूत
- फोटो : ORAI
उरई। अखबार से कोरोना का संक्रमण नहीं होता। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसे नकार दिया है। इसलिए लोग इस बात को लेकर भ्रम न पालें। देश दुनिया से जुड़े रहने के लिए अखबार से अच्छा दूसरा माध्यम नहीं हो सकता। यह बात राजकीय मेडिकल कालेज के नाक, कान, गला विशेषज्ञ डा. रविंद्र राजपूत ने कही।
उन्होंने कहा कि नोटों, अखबार से संक्रमण का खतरा होने जैसी कोई बात नहीं है। विशेषज्ञों और सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन कर हम सभी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोक सकते हैं। इससे डरने की जरूरत नहीं है। घर में रहकर सामान्य दिनचर्या जारी रखें। लॉकडाउन का घर में रहकर पालन करें। अखबार पढ़कर कोरोना से संबंधित शोध से भी खुद को अपडेट करते रहें।
अखबार से कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की आशंका नहीं है। अखबार की छपाई से लेकर वितरण तक हर तरह की एहतियात बरती जा रही है। यही नहीं अखबार की छपाई में पेट्रोलियम बेस्ड इंक का प्रयोग किया जाता है। इसके कारण इस पर किसी भी तरीके के वायरस का टिकना नामुमकिन है। इन दिनों लॉकडाउन है और लोगों के पास ज्यादा कुछ करने के लिए नहीं है। ऐसे में रीडिंग समय गुजारने का बेहतर माध्यम है। वह चाहे अखबार हो या पुस्तकें। उन्होंने कहा कि अखबार और दूध का पैकेट लेने के बाद साबुन से हाथ धो लें, इतना ही काफी है।