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कोरोना : बाजार पर भी संकट, व्यापारी भी स्तब्ध

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उरई। जिले में सोमवार को आई कोरोना रिपोर्ट में मिठाई विक्रेता की बेटी की भी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने से व्यापारियों में हड़कंप मचा है। चार दिन पहले ही विक्रेता का बेटा भी पॉजिटिव निकला था। जिस कारण मुख्य बाजार अगले ही दिन से पूरी तरह से बंद थी। अब बेटी के भी पॉजिटिव आने से बाजार के जल्द खुलने के आसार नहीं है। वहीं देर शाम आई रिपोर्ट में एक कारोबारी परिवार से भी युवती व एक अधेड़ भी पाजिटिव पाए गए हैं, जो कि आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। जिले में सोमवार को सामने आए मरीजों की कुल संख्या सात हो गई है।
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बता दें कि करीब तीन दिन पूर्व शहर की मुख्य बाजार में मिठाई की दुकान करने वाले के बेटे की रिपोर्ट पाजिटिव आई थी, जिसके बाद से ही प्रशासन ने शहर की मुख्य बाजार को बंद करा दिया था। सोमवार की देर शाम विक्रेता की बेटी भी पाजिटिव निकल आई। जिससे बाजार की बंदी की अवधि बढना तय माना जा रहा है। विक्रेता के परिवार में 30 जून को किसी की शादी होने की भी चर्चा है। फिलहाल प्रशासन ने विक्रेता के मोहल्ले सूर्य नगर में संपर्को की सैंपलिंग का काम शुरू कर दिया गया है। बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते भी रोके गए हैं। इसके अलावा देर शाम तुलसी नगर इलाके में 22 वर्षीय युवती और 43 वर्षीय अधेड़ भी पाजिटिव मिले जो कि एक कारोबारी परिवार के सदस्य हैं। इसके अलावा मातापुरा इलाके में जो महिला संक्रमित पाई गई है, उसके पति प्रयागराज स्थित एक बैंक में शाखा प्रबंधक है और महिला कुछ दिन पहले ही प्रयागराज से लौटी थी।
शटर बंद कर बाहर बैठ रहे व्यापारी
कोंच। तहसील का भले ही कोरोना की चपेट में है लेकिन अधिकांश व्यापारी इससे बेपरवाह होकर बंद शटर के बाहर चाभी हाथों में लेकर बैठे नजर आ रहे हैं, जैसे ही कोई ग्राहक आता है तो शटर खोलकर दुकानदारी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। यह स्थिति हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन बने इलाकों की है, जहां तमाम बैरिकेडिंग को पहले ही राह चलते लोगों ने ध्वस्त कर डाला है। पुलिस प्रशासन की सख्ती में कमी आने से कुछ व्यापारी नियमों को भी तोड़ रहे हैं।
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सीएचसी के संक्रमण से भी हड़कंप
नदीगांव सीएचसी में लगातार दूसरा लैब टेक्नीशियन संक्रमित निकलने से वहां के डॉक्टर व स्टा्रफ के अलावा इलाज को आने वाले मरीजों और तीमारदारों में भी हड़कंप मचा हुआ है। हांलकि सीएचसी को सील कर आने जाने के रास्तों पर रोक लगा दी गई है फिर भी लोगो का खौफ है कि कम होने का नाम नहीं ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी पता लगा रहा है कि बीते एक सप्ताह के दौरान विकासखंड के कितने लोगों ने अस्पताल में जांच कराई, इसके लिए जांच के पर्चे भी खंगाले जा रहे हैं।
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