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जहां से खत्म होनी चाहिए थी, वहीं से शुरू हुई कोरोना चेन

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मेडिकल कॉलेज के बाहर इलाज के लिए बैठे लोग - फोटो : ORAI
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उरई (जालौन)। तीन दिन में तीन कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आने से भी अधिक चौंकाने वाली बात ये है कि जहां से कोरोना पॉजिटिव की चेन खत्म होनी चाहिए थी वहीं से यानी मेडिकल कालेज, अस्पताल और नर्सिंगहोम से चेन शुरू होने लगी है। जिससे प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे के साथ साथ जनपद के लोगों के भी होश उड़े है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वे अब साधारण सी बीमारी का भी इलाज कराने जाएं तो जाएं कहां क्योंकि कोरोना संक्रमण के तार अब सरकारी अस्पताल और नर्सिंगहोम तक से जुड़ गए हैं। जहां से लोगों को बीमारी से निजात की उम्मीद रहती थी।
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बता दें कि लॉकडाउन शुरू होने के बाद से जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज में रोजाना 15 से 20 लोगों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेजने का सिलसिला शुरू हुआ था। तब कोंच, कालपी, जालौन से 36 जमाती भी सामने आए थे। हैरत की बात तो यह है कि एक माह के भीतर इन सभी जमातियों समेत किसी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई। ठीक माह खत्म होते ही पहला केस जिला अस्पताल के डॉक्टर का सामने आने से हड़कंप मच गया। इसके बाद डॉक्टर की पत्नी और अब नर्सिंगहोम के ओटी मैनेजर के पाजीटिव आने से कोरोना चेन शुरू हो गई है, क्योंकि डॉक्टर का उस नर्सिंगहोम में आना जाना था। लिहाजा स्पष्ट नहीं हो सका है कि मैनेजर से उन्हें संक्रमण मिला या उन्होंने मैनेजर को दिया। कुल मिलाकर चेन का दूसरा छोर काफी लंबा और उसे तलाशना बेहद कठिन भी हो सकता है।
डॉक्टर के संक्रमण का गुरुग्राम से वास्ता नहीं
शुरुआत में माना जा रहा था कि संक्रमित डॉक्टर अपनी बेटी को लेने गुरुग्राम गए थे, वहीं से संक्रमण के आने से आशंका है लेकिन बाद में पता चला कि डॉक्टर गुरुग्राम नहीं बल्कि कानपुर देहात के बारा जोड़ से बेटी को लेकर आए थे। फिर बेटी की जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई। इससे साफ है कि डॉक्टर के संक्रमण का गुरुग्राम से कोई सरोकार नहीं है।
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किसी मरीज से तो संक्रमित नहीं हुए डॉक्टर, मैनेजर
स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि हो न हो नर्सिंगहोम में आए किसी न किसी मरीज से ही मैनेजर और डॉक्टर दोनों संक्रमित हुए होंगे। अब उस मरीज का पता लगाना टेढ़ी खीर है। संक्रमित मरीज, मैनेजर और डॉक्टर ने कितनों को संक्रमण की चपेट में लिया होगा, कुछ कहा नहीं जा सकता। लिहाजा पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।
याद आ गया आगरा का पारस अस्पताल
जनपद में संक्रमण की शुरुआत जिला अस्पताल और नर्सिंगहोम से होने पर लोगों के दिलोदिमाग पर एक बार फिर से आगरा का पारस अस्पताल छा गया है। बता दें कि आगरा में भी संक्रमण की शुरूआत ठीक इसी तरह पारस नर्सिंगहोम से हुई थी। पारस में इटावा, औरैया और मैनपुरी तक के मरीज इलाज कराने आते थे।
रेफर के लिए भटक रहे प्रसूताओं के परिजन
संक्रमण के तार मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल और अब नर्सिंगहोम से जुड़े होने से शहर के मरीजों में भी भय व्याप्त है। खासतौर पर प्रसूताओं के परिजन तो उन्हें अब किसी और जिले रेफर कराने के प्रयास में लगे हैं, कहना है कि शहर के नर्सिंगहोम या अस्पताल सुरक्षित नहीं रह गए हैं। रेफर के लिए कुछ आवेदन भी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के पास आए हैं।
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