उरई। रामपुरा सीएचसी में संविदा पर तैनात एक होम्योपैथिक चिकित्सक पर एलोपैथिक दवाइयां लिखने, बाहर की दवाएं मंगाने और निजी लैब से जांच कराने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर मंगलवार को एक व्यक्ति ने सीएमओ को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
रामपुरा निवासी धीरज सिंह ने सीएमओ को दिए शिकायती पत्र में बताया कि रामपुरा सीएचसी में डॉक्टर करीब 16 वर्षों से संविदा पर होम्योपैथिक चिकित्सक के रूप में तैनात हैं। इस स्वास्थ्य केंद्र में आसपास के लगभग 80 गांवों के ग्रामीण इलाज के लिए आते हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि चिकित्सक होम्योपैथिक पद्धति के बजाय मरीजों का एलोपैथिक इलाज करते हैं। साथ ही मरीजों को एक विशेष कंपनी की दवाइयां एक तय मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए कहा जाता है। आरोप यह भी है कि सामान्य बीमारियों की जांच के लिए भी मरीजों को बाहर की निजी लैब भेजा जाता है, जबकि संबंधित जांचें सीएचसी में उपलब्ध हैं।
धीरज ने कहा कि इस संबंध में पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से चिकित्सक के हौसले बढ़े हुए हैं और मरीजों का आर्थिक शोषण हो रहा है। उन्होंने सीएमओ को डॉक्टर द्वारा लिखी गई जांचों और बाहर से दवा लेने के पर्चे भी प्रस्तुत किए। मामले में सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने जांच कराने का आश्वासन देते हुए कहा कि यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।