सिपाही प्रवीण व उसकी पत्नी प्रीति की फाइल फोटो
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उरई (जालौन)। कानपुर-झांसी हाईवे स्थित करमेर मोड़ के पास शुक्रवार की देर रात कार का टायर बदल रहे माती जेल में तैनात सिपाही और उनकी पत्नी को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी ने मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया। अनुमान है कि टक्कर इतनी जोर की थी कार सड़क किनारे खंदक में जा गिरी और उसमें सवार दंपति के दोनों बच्चे व एक साथी सिपाही भी घायल हो गया। कार सवार कोंच में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। सूचना पाकर माती जेल के अधिकारी और उरई कोतवाली पुलिस पहुंची। कोतवाल शिवगोपाल ने बताया कि घायल बच्चों व सिपाही को प्राथमिक उपचार के बाद इलाज के लिए कानपुर भेज दिया गया है।
माती जेल में बंदी रक्षक के पद पर तैनात आजमगढ़ निवासी सिपाही प्रवीण सिंह (40) अपनी पत्नी प्रीती सिंह (37), बच्चों शिवम (11) व खुशी (13) व एक साथी सिपाही सलीम के साथ कोंच निवासी कानपुर में तैनात सिपाही की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए अपनी स्विफ्ट कार से जा रहे थे। रात करीब 10 बजे के आसपास उरई-हाईवे के आगे करमेर मोड़ पर कोंच का रास्ता तलाशते वक्त अचानक उनकी कार का टायर खराब हो गया। इस पर प्रवीण ने कार किनारे खड़ी की और खुद उतरकर टायर बदलने लगे और पत्नी प्रीती पास खड़े होकर मोबाइल से टार्च दिखाने लगीं। बाकी लोग कार में ही बैठे रहे।
इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने पहले प्रवीण और प्रीती टक्कर मारी, फिर कार को पीछे से टक्कर मारता हुआ भाग निकला। अज्ञात वाहन की टक्कर से दोनों पति पत्नी हाईवे पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े, जबकि कार सड़क किनारे खंदक में जा गिरी। जिससे उसमें सवार बच्चों में भी चीख पुकार मच गई। काफी देर बाद सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक प्रवीण की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि मेडिकल कालेज लाते ही प्रीती ने भी दम तोड़ दिया। प्रीती का मायका भी आजमगढ़ स्थित लालगंज में है।
पुलिस ने माती जेल में मामले की जानकारी दी फिर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। कोतवाल ने बताया कि शनिवार सुबह तक सिपाही दंपति के कुछ परिजन भी आ गए थे। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव उनके सुपुर्द कर दिए जाएंगे। इसके अलावा एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आसपास के टोल से फुटेज देखकर हादसे को अंजाम देने वाले अज्ञात वाहन का भी पता किया जा रहा है।