उरई। सरकार ने आम जनता की समस्याओं का पारदर्शिता के साथ समाधान के लिए सीएम पोर्टल की शुरुआत की थी। अब यही पोर्टल भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। पोर्टल पर शिकायतें दर्ज हो रही हैं, लेकिन उनका समाधान सिर्फ कागजों पर ही कर दिया जा रहा है। नगर पालिका से लेकर अन्य जिम्मेदार विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बिना मौके पर पहुंचे किसी जांच के ही शिकायतों को निस्तारित कर रहे हैं। पोर्टल पर सिर्फ रिपोर्ट अपलोड कर दी जाती है और समस्या को हल करने का दावा किया जाता है। हकीकत यह है कि जिन समस्याओं का समाधान दिखाया जाता है, वह जस की तस हैं। नगरपालिका में गंदगी, जलभराव, अतिक्रमण, स्ट्रीट लाइट की खराबी, नाले-नालियों की सफाई जैसी तमाम समस्याओं को लेकर आईं शिकायतों को बार-बार फर्जी तरीके से निस्तारित किया जा रहा है। समस्याओं को लेकर दोबारा शिकायत पर फिर से समाधान की मुहर लगा दी जाती है। शहर में ऐसे कई लोग हैं जो महीनों से सीएम पोर्टल पर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ झूठा समाधान दिखाकर गुमराह किया जाता है। कई शिकायतकर्ता अब तक 10 से 15 बार अलग-अलग माध्यमों से शिकायत कर चुके हैं। समाधान के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
इन प्रमुख शिकायतों का फर्जी निस्तारण-
बघौरा रोड : अतिक्रमण हटाने की शिकायत
इंदिरा नगर: जलभराव की समस्या
राजेंद्र नगर: गंदगी की शिकायत
कांशीराम कॉलोनी: पानी और सफाई की समस्या
मैकेनिक नगर: नाले के निर्माण की शिकायत
बजरिया: स्ट्रीट लाइट लगाने की शिकायत
बघौरा मोहल्ला: नाली की सफाई की शिकायत
आठ महीने से कर रहे शिकायत
फोटो -06 संतोष निरंजन
मैकेनिक नगर के निवासी संतोष निरंजन ने बताया कि उनके घर के बाहर का नाला धसक गया है। आठ महीने से शिकायत कर रहा हूं। 17 फरवरी को सीएम पोर्टल पर शिकायत की थी। एक हफ्ते बाद समाधान का मैसेज आ गया, लेकिन न तो कोई आया और न ही नाला बना। जब नगर पालिका गया, तो ईओ ने सुनवाई तक नहीं की।
हर महीने कर रहे शिकायत
फोटो-07 महावीर गुप्ता
पाठकपुरा निवासी महावीर गुप्ता ने बताया कि वह हर महीने नाले के निर्माण की शिकायत कर रहे हैं। 28 फरवरी को फिर शिकायत की थी। एक हफ्ते बाद समाधान का मैसेज आ गया, लेकिन दो साल से नाला नहीं बना। 100 से ज्यादा शिकायत पत्र जमा कर चुका हूं, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
तीनों बार कर दिया फर्जी निस्तारण
फोटो-08 समीर
बघौरा निवासी समीर ने बताया कि उनके पड़ोसी ने नाली बंद करके चबूतरा बना लिया। 13 फरवरी, 25 फरवरी और एक मार्च को तहसील में शिकायत की, लेकिन तीनों बार फर्जी निस्तारण कर दिया गया। कोई अधिकारी जांच करने तक नहीं आया।
शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस
फोटो- 09 जितेंद्र सोनी
इंदिरा नगर निवासी जितेंद्र सोनी ने बताया कि आठ साल से घर के सामने जलभराव की समस्या है। हर महीने सीएम पोर्टल पर शिकायत करता हूं। हर महीने समाधान का मैसेज आ जाता है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। दो हजार से ज्यादा लोग इस समस्या से परेशान हैं, लेकिन नगर पालिका ने कुछ नहीं किया।
वर्जन-
अगर इस तरह की लापरवाही हो रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ताओं से भी बात की जाएगी।
- संजय कुमार, एडीएम