किसान यूनियन की बैठक करते भाकियू पदाधिकारी
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उरई। भारतीय किसान यूनियन की शनिवार को गल्ला मंडी परिसर में हुई बैठक में भी बारिश और ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान का मुद्दा छाया रहा। इसमें किसानों की समस्याओं व उनके निदान की चर्चा की गई। पंचायत में कुल छह प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पास किया गया।
मासिक पंचायत को संबोधित करते हुए राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि जिले में ओलावृष्टि एवं अति वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को फसल बीमा प्रीमियम जमा करने का समय बढ़ाया जाए, जिससे कि किसान के नुकसान की भरपाई हो सके। वहीं किसानों की आर्थिक स्थिति को नुकसान की भरपाई 70 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दैवी आपदा कोष से तत्काल दिया जाए।
उन्होंने बताया कि जिले से कई शिकायतें मिल रही हैं कि निजी नलकूपों के विद्युत कनेक्शन का पैसा जमा होने के बाद भी उन्हें अब तक सामान नहीं दिया गया, जिससे उन्हें मजबूरन कई महीनों से बिजली विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे है। बलराम लंबरदार ने कहा कि अन्ना समस्या जिले की बड़ी समस्याओं में से है। कई चेतावनी के बाद भी प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
जिससे किसानों का आए दिन नुकसान हो रहा है। उन्होंने अन्ना समस्या पर पूर्णता रोक लगाने की मांग की। उन्होंने बताया कि जिले में विलंब से बोई जाने वाली गेहूं की प्रजाति के बीचों को जल्द से जल्द मंगाया जाए, जिससे किसान ओलावृष्टि से हुई नुकसान के बाद अपने खेतों में दोबारा बुवाई कर सकें। इस अवसर पर बृजेश राजपूत, रामकुमार, जसवंत, देवेन्द्र कुमार, सुनील दुबे, ब्रज लाल प्रधान, हरीशंकर, भान सिंह आदि उपस्थित रहे।