अंतरराष्ट्रीय शिया धर्मगुरु व पूर्व वक्फ बोर्ड अध्यक्ष मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि प्रदेश में बिगड़ा सांप्रदायिक माहौल सियासत की देन हैं। सियासतदार विधानसभा 2017 के मद्देनजर फसाद कराकर हिंदू-मुस्लिम एकता की गंगा जमुनी तहजीब को तहस नहस करने पर तुले हैं। इसे लेकर आम आदमी को सतर्क रहने की जरूरत है।
मुहर्रम की बारह तारीख को अलम के जुलूस की मजलिस को खिताब फरमाने आए मौलाना कल्बे जव्वाद ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि आज हिंदू और मुसलमान दोनों इस बात को समझ चुके हैं कि उनमें कोई फर्क नहीं है। वे पहले भी अमन चैन के साथ रहते आए।
तीज त्योहारों समेत शादी ब्याह तक में न्योता और पारंपरिक लेन देन की तहजीब रही। सियासत और सियासतदारों ने वोट के लिए हमें बांट दिया। उत्तर प्रदेश में कन्नौज और कानपुर में हुए दंगे भी इसी कड़ी का एक हिस्सा हैं। कहा कि यह सब सियासतदारों की कारस्तानी है जिन्हें 2017 का विधानसभा चुनाव दिखाई दे रहा है।
उन्होंने मुस्लिम और हिंदू दोनों कौमों से गुजारिश की वे समझदारी से काम लें और किसी के बहकावे में न आते हुए अमन चैन बनाए रखें। कहा कि आम आदमी को रोजी रोटी से मतलब है, दंगे फसाद से नहीं। सभी मिलकर अमन चैन के साथ रहें।